आरा/आशुतोष पाण्डेय
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित कथित पुलिस मुठभेड़ प्रकरण को लेकर अब दूसरे राज्यों से भी लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचने लगे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ से आए अधिवक्ता अनिल मिश्रा मंगलवार को बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की लड़ाई कानूनी स्तर पर मजबूती से लड़ी जाएगी।
गांव पहुंचने के बाद अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने स्थानीय लोगों, परिजनों और ग्रामीणों से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी निर्दोष के साथ अन्याय हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अधिवक्ता मिश्रा ने कहा कि पीड़ित परिवार अकेला नहीं है, न्याय के लिए समाज के लोग और कानून जानने वाले लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर मामले को उच्च स्तर तक उठाया जाएगा और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उनके गांव पहुंचने से परिजनों और समर्थकों में एक नई उम्मीद जगी है।
इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे। गांव में पूरे घटनाक्रम को लेकर पहले से ही माहौल गर्म है और लोग लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अधिवक्ता अनिल मिश्रा के बिलौटी पहुंचने को इस मामले में बाहरी समर्थन और न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलने के रूप में देखा जा रहा है।



