कर्तव्य और मातृत्व का अनोखा संगम: सुपौल सर्किट हाउस में महिला पुलिस कर्मी के समर्पण को मंत्री ने सराहा!

SHARE:

रिपोर्ट :- संतोष चौहान

सुपौल :- जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत सर्किट हाउस में मंगलवार को गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। जहां एक महिला पुलिस कर्मी ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ मातृत्व की जिम्मेदारी निभाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस कर्मी अपने छोटे बच्चे के साथ मौजूद थीं, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के बीच मातृत्व और कर्तव्य के अद्भुत समन्वय की चर्चा होने लगी।
गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के मंत्री सह सुपौल जिले के प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पहुंचे। इस अवसर पर महिला पुलिस कर्मी की स्थिति को देखकर मंत्री ने उनके छोटे बच्चे के प्रति स्नेह प्रकट किया और उसे आशीर्वाद दिया। उन्होंने महिला पुलिस कर्मी के समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि मातृशक्ति हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है।
महिला पुलिस कर्मी ने अपने विभागीय दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए यह संदेश दिया कि परिवार और नौकरी दोनों की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना संभव है। उनके इस जज्बे ने वहां उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों को भी प्रभावित किया।
आज के दौर में महिलाएं पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कई बार उन्हें कार्यस्थल की जिम्मेदारियों के साथ-साथ बच्चों और परिवार की देखभाल की चुनौती का सामना भी करना पड़ता है। इसके बावजूद वे पूरी मेहनत और लगन से अपने कर्तव्यों का पालन करती है।
सुपौल सर्किट हाउस का यह दृश्य इसी भावना को उजागर करता है कि महिला कर्मी केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी नहीं निभा रही हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी बन रही है। एक ओर जहां वह वर्दी पहनकर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही थी, वहीं दूसरी ओर मां के रूप में अपने बच्चे के प्रति स्नेह और जिम्मेदारी भी निभा रही थी।
मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा द्वारा महिला पुलिस कर्मी और उनके बच्चे के प्रति दिखाया गया स्नेह इस बात का प्रतीक है कि समाज में महिलाओं के योगदान और संघर्ष को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने महिला पुलिस कर्मी के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह भावुक क्षण मौजूद लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया। यह दृश्य साबित करता है कि जब इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मातृत्व और कर्तव्य दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। सुपौल सर्किट हाउस में दिखा यह नजारा न केवल एक महिला पुलिस कर्मी की कहानी है, बल्कि देश की उस हर महिला के लिए प्रेरणादायक तस्वीर है, जो अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रही है।

Join us on:

और पढ़ें