सचिव ने की कला एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा, पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण हेतु बनेगा स्पेशल विंग!

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:- रवि शंकर अमित!

पटना, 11 जून, 2026:- भवन निर्माण विभाग एवं उपक्रम बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित कला एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुरातत्व धरोहरों के संरक्षण और निर्माणाधीन भवनों की गति पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने 620 क्षमता का अटल कला भवन, 630 क्षमता का सभागार, लाल पहाड़ी, नेपाली मंदिर, नारद संग्रहालय की जगह नया संग्रहालय भवन , स्मारक अहिल्या स्थल, बेगूसराय संग्रहालय, एवं पुरातत्व स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सचिव महोदय को अवगत कराया गया कि अररिया, भभुआ, बक्सर, नवादा, सीवान एवं शेखपुरा सहित अन्य जिलों अटल कला भवन का निर्माण कार्य तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इन भवनों का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर लिया जाएगा। बांका एवं लखीसराय में 630 क्षमता का सभागार का निर्माण प्रगति पर है। लखीसराय में सभागार भवन का फिनिशिंग कार्य चल रहा है। वहीँ, मुजफ्फरपुर में 2000 क्षमता वाले सभागार का निर्माण नवंबर में पूर्ण करने का लक्ष्य है। अभियंताओं को गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए कार्यों को पूर्ण करने का निदेश दिया गया।

इसके उपरांत दरभंगा में स्मारक अहिल्या स्थान का संरक्षण, बेगूसराय संग्रहालय का संरक्षण कार्य, लखीसराय स्थित लाल पहाड़ी पुरास्थल पर पर्यटकीय सुविधाओं का निर्माण तथा विकास कार्य की समीक्षा की गई। साथ ही, 26 जिलों में 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण एवं विकास पर भी चर्चा की गई।

सचिव ने पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण हेतु स्पेशल विंग गठित करने पर जोर दिया। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को नए विंग गठित करने का निदेश देते हुए कहा कि पुरातात्विक स्थलों को उसी स्वरूप में संरक्षित करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी ताकि ऐतिहासिक इमारतों की मौलिकता बनी रहे। अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

बैठक में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के मेंटेनेंस आदि को लेकर भी निदेशित किया गया। सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना परियोजनाओं को तय समय में पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने संग्रहालयों के मेंटेनेंस पर खास तौर पर विशेष ध्यान देने के लिए निदेशित किया। उन्होंने ने चेतावनी देते हुए कहा कि लंबित परियोजनाओं के संबंधित संवेदक पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। अभियंताओं को स्पष्ट कहा गया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में भवन निर्माण विभाग के वरीय पदाधिकारी, कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी सहित अभियंतागण उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यपालक अभियंता बैठक से जुड़े।

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