जंजीरों में जकड़ा शिवभक्त, विश्व कल्याण की कामना लेकर बाबाधाम निकले पूर्व सैनिक!

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रिपोर्ट – सुमित कुमार!

श्रावणी मेला शुरू होने में अभी करीब दो माह शेष हैं, लेकिन सुल्तानगंज-देवघर कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था का अनूठा रंग अभी से देखने को मिल रहा है। शेखपुरा जिले के एकड़ा गांव निवासी एवं सेना से सेवानिवृत्त हवलदार रामउदय सिंह अपनी अनोखी पदयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पूरे शरीर पर लोहे की जंजीरें लपेटे और कैदी का स्वरूप धारण कर वह उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हुए हैं। इस 105 किलोमीटर की यात्रा के दौरान रामउदय सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि प्रत्येक पूर्णिमा पर पैदल चलकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और जलाभिषेक करेंगे। पिछले तीन वर्षों से वह लगातार यह यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि विश्व कल्याण, सामाजिक सद्भाव और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि पहले वह सुराही कांवर लेकर यात्रा करते थे, लेकिन इस बार समाज में बढ़ती अप्रिय घटनाओं, युवाओं की असमय मौतों और सामाजिक तनाव के प्रति अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए जंजीरों से स्वयं को जकड़कर यात्रा कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह स्वरूप लोगों को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है।
मिल्की के समीप कांवरिया पथ पर जैसे ही श्रद्धालुओं ने जंजीरों में बंधे इस शिवभक्त को देखा, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राहगीर उनकी यात्रा के बारे में जानकारी लेते नजर आए, जबकि कई कांवरियों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पांच गांवों के श्रद्धालुओं का एक जत्था भी उनके साथ बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। उनकी अनोखी भक्ति और समर्पण की यह तस्वीर इन दिनों कांवरिया पथ पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

बाइट-रामउदय सिंह शिवभक्त

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