रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
मधुबनी 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के तत्वावधान में समवाय दुलीपट्टी में आयोजित 15 दिवसीय दो चक्का वाहन रिपेयरिंग एवं सर्विसिंग कोर्स का समापन समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाइब्रेंट विलेज एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के कुल 33 युवा लाभार्थियों ने प्रतिभाग कर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया। तत्पश्चात रमा फाउंडेशन के डायरेक्टर देवेश पांडे द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
इसके उपरांत प्रशिक्षक मोहम्मद जमील अख्तर द्वारा 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान संचालित पाठ्यक्रम, तकनीकी प्रशिक्षण, प्रायोगिक अभ्यास एवं प्रतिभागियों द्वारा अर्जित कौशल की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टू व्हीलर की सर्विसिंग, इंजन की मूलभूत जानकारी, दोष पहचान एवं मरम्मत संबंधी तकनीकी ज्ञान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, जयनगर के कमांडेंट राजेंद्र कुमार के कुशल दिशानिर्देशन में उपस्थित उप कमांडेंट हरिनारायण जाट ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता, उसके महत्व एवं युवाओं के लिए उसके दूरगामी लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा प्राप्त कौशल का उपयोग स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में करने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले सभी 33 प्रतिभागियों के बिच प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में समवाय दुलीपट्टी के प्रभारी उप निरीक्षक (सामान्य) पृथ्वीराज नेपटा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों, अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर 48 वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेंद्र कुमार का संदेश भी प्रतिभागियों तक पहुँचाया गया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना सशस्त्र सीमा बल की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम युवाओं के उज्ज्वल भविष्य तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”
कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक उप निरीक्षक (संचार) महेंद्र सिंह तोमर द्वारा किया गया।
समारोह में उप कमांडेंट हरिनारायण जाट के नेतृत्व में अधीनस्थ अधिकारीगण, जवान, स्थानीय गणमान्य नागरिक, ग्रामीण अतिथि, रमा फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं वाइब्रेंट विलेज के सभी 33 युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



