सीबीएसई में मैथिली भाषा को मिला स्थान, मिथिलांचल में खुशी की लहर।

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

बिहार के मुख्यमंत्री ने मिथिला की समृद्ध संस्कृति, विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से जानकारी दी है कि सीबीएसई पैटर्न में अब मैथिली भाषा की पढ़ाई को शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद मिथिलांचल में खुशी की लहर देखी जा रही है।
इसी मुद्दे पर बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विकास मंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों के ज्ञान और भाषा के विकास के लिए केंद्र सरकार और बिहार सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत विविध भाषाओं और बोलियों का देश है और मैथिली जैसी समृद्ध भाषा को शिक्षा व्यवस्था में स्थान मिलना गर्व की बात है।
मंत्री श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं को भी बढ़ावा देना जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ी रहें।
अब सीबीएसई पैटर्न में मैथिली की पढ़ाई शुरू होने से मिथिला क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है और लोग इसे अपनी भाषा और संस्कृति के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।
बाइट : ग्रामीण कार्य विकास मंत्री श्रवण कुमार

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