रिपोर्ट – अमित कुमार
बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बीच मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय परिसर के पास महंगे ब्रांड की शराब की खाली बोतल मिलने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक चल रही थी, उसी दौरान लोक आवास और सचिवालय परिसर के समीप शराब की बोतल और एक बैग पड़े होने की सूचना सामने आई।बताया जा रहा है कि बरामद शराब की बोतल किसी महंगे ब्रांड की थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4 से 5 हजार रुपये बताई जा रही है।

पत्रकारों के कैमरे में परिसर के पास पड़ी खाली बोतल दिखाई देने के बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।घटना की सूचना मिलते ही सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वहां से बोतलों को हटाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बोतल वहां कैसे पहुंची।इस घटना के बाद विपक्ष ने एक बार फिर बिहार की शराबबंदी नीति की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि जब वीवीआईपी इलाकों और सरकारी परिसरों के आसपास शराब की बोतलें मिल रही हैं, तब राज्य में पूर्ण शराबबंदी के दावों पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।वहीं सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में शराब पीना, बेचना, भंडारण करना और कारोबार करना कानूनन अपराध है और सरकार शराबबंदी को सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी मामलों में कार्रवाई और सजा के मामले में बिहार ने रिकॉर्ड स्तर पर काम किया है।



