सबसे कम उम्र के जिला परिषद अध्यक्ष निर्विरोध बने सोनू राधे, समर्थकों में खुशी की लहर!

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रिपोर्ट- पंकज कुमार!

जहानाबाद जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया।
वे जहानाबाद भाग एक से जिला परिषद सदस्य हैं और पहली बार ही इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे हैं। चुनाव प्रक्रिया उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति की देखरेख में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
दरअसल अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक रंजन ही एकमात्र प्रत्याशी थे, इसलिए उन्हें बिना मतदान के ही निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।चुनाव के दौरान कुल 13 जिला पार्षदों में से 11 सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रक्रिया में भाग लिया और निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिकता पूरी की गई। परिणाम घोषित होने के बाद जैसे ही अभिषेक रंजन सभा कक्ष से बाहर निकले, उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया और जीत की खुशी में नारेबाजी भी की गई। अभिषेक रंजन का राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत कम समय में ही तेजी से आगे बढ़ा है।
वे एक युवा नेता के रूप में पहचाने जाते हैं और राष्ट्रीय जनता दल से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे राजद के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के पद पर भी कार्यरत हैं। उनकी इस जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला, जिसे संगठन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 28 मार्च को तत्कालीन जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी को मत विभाजन के दौरान पद से हटना पड़ा था, जिसके बाद से यह पद रिक्त था। इसके बाद नियमानुसार नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई और अंततः यह जिम्मेदारी अभिषेक रंजन को मिली।उनका निर्विरोध निर्वाचन जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। जीत के बाद अभिषेक रंजन ने कहा कि वे सभी जिला पार्षदों को साथ लेकर जिले के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि समन्वय बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी।बताते चलें कि जिला परिषद अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर मत विभाजन और फिर नए अध्यक्ष के चुनाव तक जिले की राजनीति काफी गर्म रही। वर्तमान समय में जिला परिषद में कई अनुभवी और चर्चित चेहरे शामिल हैं, जिनमें पूर्व अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी शामिल हैं।

ऐसे में इस युवा अध्यक्ष के सामने सभी के साथ तालमेल बनाकर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, उनके चयन में सभी वरिष्ठ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया है, जिससे बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।

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