रिपोर्ट – संतोष चौहान!
सुपौल :- सुपौल जिले में बुधवार की शाम तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने जिले में भारी तबाही मचा दी। गुरुवार सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो चारों ओर नुकसान का भयावह दृश्य देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के तार टूट गए और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
बिजली व्यवस्था ठप हो गई, मरम्मत कार्य जारी रहा।
आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई इलाकों में रातभर अंधेरा पसरा रहा। बिजली विभाग की टीम रात से ही मरम्मत कार्य में जुटी रही और आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करता रहा।
किसानों पर कहर :- मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया।
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई। विशेषकर मक्का की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। जिले में बड़े पैमाने पर लगी मक्का फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
किसानों के अनुसार, दो से तीन महीने की मेहनत और लाखों रुपये की लागत इस आंधी में मिट्टी में मिल गई।
राघोपुर के वायसी वार्ड नंबर – 12 में तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग की दबकर मौत हो गई। मृतक की पहचान 55 वर्षीय गुनेश्वर यादव के रूप में हुई है, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।
इस मामले की चर्चा करते हुए सुपौल के जिलाधिकारी ने बताया कि इस भीषण आंधी – ओलावृष्टि से हुई नुकसान का आकलन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी।
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