अवैध निजी अस्पताल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, बंद कर किया सील!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

दो लाख रुपए का जुर्माने व बंद करने के आदेश के बाद भी चल रहा था अवैध अस्पताल

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों पर प्रशासन ने आज बरी कार्वाई किया है। बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रोड पर कृषि फार्म के पास स्थित एम.आर इमरजेंसी हॉस्पिटल पर प्रशासन द्वारा छापेमारी कर उसे सील कर दिया गया। मौके पर मिले दो मरीज, जिसमें एक मरीज सर्जरी से जुड़ा तो दूसरा डिलीवरी के लिए आई महिला को अनुमंडल अस्पताल शिफ्ट कर सुरक्षित किया गया। ये कार्रवाई बेनीपट्टी अनुमंडल पदाधिकारी शारंग पाणी पाण्डेय, डीएसपी अमित कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पी.एन. झा के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ की गई। टीम पहुंचते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी और डॉक्टर फरार हो गए। जांच में पता चला कि अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही अवैध घोषित कर दो लाख का जुर्माना लगा चुका था और बंद करने का आदेश भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल का संचालन जारी रहा। वहीं, अनुमंडल क्षेत्र के दुर्गौली गांव की एक महिला को डिलीवरी के लिए आशा व नर्स की मिलीभगत से अनुमंडल अस्पताल से गुमराह कर यहां लाया गया। डॉक्टर अनुपस्थित होने पर भी परिजनों से पैसे वसूलने का दबाव बनाया गया। मरीज की हालत बिगड़ने पर जब परिजन वहा से दुसरे अस्पताल ले जाने को तैयार हुए, तो उन्हें रोकने की कोशिश की गई। संदेह होने पर स्थानीय लोगों से पूछताछ में अवैधता का राज खुला। फिर तभी आरटीआई कार्यकर्ता त्रिलोक नाथ झा, समाजसेवी अभिषेक झा, मिश्री राम, सुमित बाबा ने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। तभी एसडीओ शारंग पाणी पाण्डेय कारवाई करते हुए निजी क्लीनिकों वाले को चेतावनी दी कि अवैध अस्पतालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल अस्पताल सील है और आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए काफी मानी जा सकती है।

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