रिपोर्ट- संतोष चौहान!
ज्ञान भारतम, मिशन के तहत सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल से 1921 ई० की पांडुलिपि प्राप्त हुई है, जिसमें लगभग 100 वर्ष पूर्व विद्यालय की दैनिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण अंकित है
सुपौल :- ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन हेतु चलाए जा रहे सर्वेक्षण के क्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल (ब्रिटिश हुकूमत में स्थापित विलियम्स हाई स्कूल, सुपौल) से वर्ष 1921 ई० की एक हस्तलिखित लॉग बुक प्राप्त हुई है, जिसमें लगभग 100 वर्ष पूर्व विद्यालय की दैनिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण अंकित है। यह पांडुलिपि न केवल विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है, बल्कि जिले की शैक्षणिक विरासत का भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
जिले में ऐसे सैकड़ों हस्तलिखित पांडुलिपियाँ एवं ज्ञान का भंडार आज भी विभिन्न संस्थानों, विद्वानों, आचार्यों, गैर-सरकारी संगठनों, मठ-मंदिरों एवं मस्जिदों आदि में सुरक्षित रूप से संरक्षित हैं, जिन्हें प्रकाश में लाना अत्यंत आवश्यक है।
जिले के सभी विद्वानगण, जनप्रतिनिधिगण, पत्रकार बंधु, शिक्षकगण, समाजसेवी, विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं तथा आम नागरिकों से जिला प्रशासन सुपौल अपील करती है कि वे अपने आस-पास उपलब्ध या जानकारी में मौजूद ऐसी हस्तलिखित पांडुलिपियों/दस्तावेजों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
इस दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।




