रिपोर्ट- अमित कुमार!
बिहार की राजधानी पटना में स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकाली हड़ताल।
हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की प्रमुख मांगें हैं बॉन्ड अवधि कम करना, जुर्माना राशि 10 लाख करना, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का वेतन बढ़ाना, अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना और नियमित वेतन देना।
हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। दूर-दराज के इलाकों से आए मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। गरीब लोगों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। सरकार और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बीच बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। हड़ताल जारी है और मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।




