कथित यूट्यूबर की असलियत, कैमरे के पीछे बड़े अपराध की काली परछाई!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!

तस्करी में संलिप्तता का रंग रहे आरोप

गांजा के साथ पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है

ऐंकर– मधुबनी जिले के हरलाखी थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई मे रविवार की रात अपराध की एक बड़ी एवं सनसनी खेज मामला सामने आया है। मामले को लेकर बताया जा रहा है कि फुलहर का रहनेवाला हरिशंभू शर्मा उर्फ अभिषेक कुमार, जो खुद को यूट्यूबर बताता था, 1 क्विंटल 21 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार हुआ। यह गिरफ्तारी केवल मादक पदार्थ तस्करी का मामला ही नहीं है, बल्कि उस प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़ा करता है, जहां कुछ लोग सोशल मीडिया की आड़ में अपराध का साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं।

हरिशंभू शर्मा का आपराधिक इतिहास लंबा है—रंगदारी मांगने से लेकर शराब तस्करी और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने तक के कई मामले इनके विरुद्ध पहले से दर्ज हैं। ब्लैकमेलिंग और वीडियो बनाकर आमजन को प्रताड़ित करना उसका पेशा बन चुका था। उसके पिता भी शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं। यह स्पष्ट करता है कि अपराध उसके लिए शौक नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत बन चुका था।

इस कार्रवाई के संबंध में थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

ऐसे मामलों से दो बड़ी सच्चाई सामने आती है। पहली, कानून से बचने को लेकर अपराधी कितना भी सामाजिक मुखौटा पहनकर खुद को सुरक्षित मानते रहे उनका मुखौटा एक दिन उतरना तय हैं। वही दूसरे तरफ समाज उनके दिखावे में फँस जाता है। तो यूट्यूबर की आड़ में अपराध करने वालों की संख्या बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल जहां सकारात्मक संदेश और जागरूकता फैलाने में होना चाहिए, वहीं कुछ लोग इसे भय और ब्लैकमेलिंग का साधन बना रहे हैं।

इस तरह का मामला चेतावनी है कि यदि ऐसे चेहरों को समय रहते बेनकाब नहीं किया गया, तो सोशल मीडिया अपराधियों का नया अड्डा बन जाएगा। ऐसे लोगों से समाज को भी सतर्क रहना होगा और ऐसे नकली चेहरों की असलियत पहचाननी होगी।

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