रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
बिहार में चुनावी घमासान से पहले जातीय गोलबंदी शुरू वो भी वही से जहाँ से बिहार सरकार के BJP कोटे से मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता विधायक उन्हीं के क्षेत्र से कुढ़नी विधान सभा के लिए शिक्षित शालीन सभ्य व ईमानदार उम्मीदवार के तलाश के उद्देश्य को लेकर मधौल स्थित एक होटल मे ब्रंह्रषि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अवध किशोर चौधरी व संचालन सुनील कुमार सिंह ने किया।बैठक के मुख्य अतिथि समाजसेवी शिवाजी शाही ने कहा कि बिहार जब जगंल राज के दौर से गुजर रहा था उस वक्त भूमिहार समाज सबसे अधिक प्रभावित और प्रताड़ित रहा तब हमलोगो ने भाजपा को अपना सबकुछ देकर समर्थन ही नही किया बल्कि बिहार मे भाजपा को स्थापित करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसकी वजह से आज बिहार की सत्ता पर भाजपा काबिज हो सका लेकिन दूसरे दल से लोग भाजपा मे आकर महत्वपूर्ण पद पर बैठ गये और हमारा समाज हाशिये पर आ गया।जातीय गणना मे हमारे समाज के साथ भेदभाव नीति अपनाकर भूमिहार ब्राह्मण से हमे भूमिहार बना दिया गया।उन्होने कहा कि कुढ़नी विधान सभा मे हमलोगो के वोट से विधायक मंत्री बनते है लेकिन अन्य विधान सभा क्षेत्र की तुलना मे कुढ़नी का विकास नग्नय और अधूरा है,जो लोग भी अभितक कुढ़नी का प्रतिनिधित्व किया उन लोगो ने सार्वजनिक लाभ का काम न कर के व्यक्तिगत लाभ का काम शुरू कर के समाज को आपस मे बांटकर विद्वेष पैदा कर दिया।बैठक मे विजय चौधरी,अवध किशोर चौधरी,प्रमोद चौधरी,कृष्णा सिंह, जयमंगल मिश्रा,राजेन्द्र चौधरी, मुखिया शिवशंकर चौधरी,राजेश्वर तिवारी,अजय चौधरी,कमलेश कुमार ठाकुर, उदय कुमार सिंह, रत्नेश कुमार उर्फ बबलू मिश्रा,सत्येन्द्र चौधरी, टुनटुन चौधरी,भाग्यनारायण चौधरी ,सुरेश पाण्डेय, शशिभूषण सिंह नवीन कुमार सिंह, सुनील मिश्रा,कौशलेन्द्र शर्मा सहित सैकड़ो लोगो ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से शिवाजी शाही को कुढ़नी विधान से प्रत्याशी बनाने का मांग किया।




