संवाददाता :- विकास कुमार!
सहरसा के सिमरीबख्तियारपुर महागठबंधन कार्यकर्ताओं की हंगामेदार बैठक।
विधायक पर उठाए सवाल, टिकट बदलने की मांग
सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के काली मंदिर के पास महर्षि मेंही सत्संग मंदिर परिसर में शनिवार को महागठबंधन कार्यकर्ताओं की बैठक हंगामे के बीच संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार करना था।
बैठक में कार्यकर्ताओं ने पिछले पांच वर्षों के स्थानीय राजद विधायक की कार्यशैली पर समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकांश कार्यकर्ताओं ने विधायक यूसुफ सलाहउद्दीन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि वे महागठबंधन एवं शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के प्रति निष्ठावान हैं, लेकिन विधायक की कार्यप्रणाली से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि विधायक की शैली से गठबंधन की छवि धूमिल हुई है, इसलिए यहां किसी अन्य प्रत्याशी की आवश्यकता है।
इस बीच विधायक समर्थक कुछ लोग बैठक में पहुंच गए और तीखी नोकझोंक के साथ हंगामा खड़ा हो गया। अफरातफरी के बीच बैठक दो गुटों में बंट गई, लेकिन थोड़ी देर बाद पुनः बैठक को संचालित किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया रामसागर यादव तथा संचालन राजद के प्रदेश महासचिव अभय कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के कार्यकर्ताओं की एक ही मांग है—वर्तमान विधायक को टिकट न दिया जाए, अन्य कोई प्रत्याशी होगा तो हम पूरी ताक़त से उसे जिताएंगे।
वीआईपी के प्रदेश प्रवक्ता मिथलेश विजय ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है। यदि विधायक को ही उम्मीदवार बनाया गया तो हार सुनिश्चित है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष अख्तर सिद्दीकी ने ऐसे उम्मीदवार की मांग की जो जनता के सुख-दुख में सहभागी हो और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए। वहीं भाकपा नेता अमर कुमार पप्पू ने भी नया चेहरा उतारने की वकालत की!




