रिपोर्ट- अमित कुमार
बिहार को जल्द ही उसका सबसे लंबा गंगा पथ मिलने जा रहा है। मुंगेर के सफियाबाद से भागलपुर के सबौर तक करीब 82 किलोमीटर लंबा गंगा पथ अब हकीकत बनने वाला है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है। दो चरणों में बनने वाले इस पथ पर कुल 9970 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे HAM मॉडल यानी हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर तैयार किया जाएगा।
परियोजनाओं का विवरण:
- मुंगेर (सफियाबाद) से सुल्तानगंज तक —
लंबाई: 42 किमी
लागत: ₹5119.80 करोड़
- सुल्तानगंज से भागलपुर (सबौर) तक —
लंबाई: 40.80 किमी
लागत: ₹4849.83 करोड़
इन दोनों परियोजनाओं से गंगा किनारे बसे गांवों, शहरों, व्यापारिक क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को मिलेगा सीधा फायदा। इसके साथ ही, सीमांचल और कोसी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी नया बल मिलेगा।
HAM मॉडल के तहत –
सरकार 40% लागत वहन करेगी और बाकी 60% निवेश निजी कंपनियां करेंगी, जिसे बाद में किश्तों में चुकाया जाएगा।
साथ ही, कैबिनेट ने बख्तियारपुर से ताजपुर के बीच गंगा पुल और पहुंच पथ के लिए अतिरिक्त ₹1047 करोड़ के फंड को भी मंजूरी दी है।
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि ये गंगा पथ परियोजनाएं बिहार के बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय संतुलित विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
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