रिपोर्ट अनमोल कुमार
गया। बरसात और गर्मियों में मच्छर का प्रकोप बेहद बढ़ जाता है। मच्छरों के आतंक बढते ही लोग उससे बचने के लिए आसान तरीका इस्तेमाल करते हैं जो शरीर के सेहत के लिए घातक सिद्ध होता है और गम्भीर बिमारियों को जन्म देता है। गया के सुप्रसिद्ध चिकित्सक, डाॅ के के कमर से हुई एक साक्षात्कार के दौरान ज्ञात हुआ कि मच्छर भगाने वाले लिक्विड से निकलने वाले कैमिकल धीरे धीरे शरीर में पहुँच कर नुकसान पहुंचाता है। सावधान हो जाए! रातभर इसे चलाने वाले को पांच बडे बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है जो सेहत के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि
- फेफड़ा जनित रोग – लिक्विड से निकलने वाली रासायनिक तत्व प्रलेथज और ट़ासफ्लुथिन अस्थमा, बोंकाइटिस, सांसो की समस्या को जन्म देता है।
- सर में दर्द / चक्कर आना -सर्वप्रथम सर भारी भारी लगना, तदोपरांत सर दर्द और चक्कर का आना। लिक्विड हवा में घुलकर न्यूरोटाॅक्सिक में परिवर्तन हो जाता है जो काफी नुकसानदायक है।
- आंख में जलन / एलर्जी – लिक्विड में व्याप्त इरिटेशन के कारण आंखों में पानी आना, खुजली होना आंख के लिए घातक हो सकता है।
- स्किन ( चर्म रोग) / एलर्जी – लिक्विड से निकलने वाली टाॅक्सन्स स्किन को काफी नुकसान पहुंचाता है जो मनुष्य के अंगों को प्रभावित करता है। स्किन, एलर्जी, रैकेट, खुजली और लाल चकत्ते इसमें शामिल हैं।
- गर्भवती महिलाओं और बच्चे – लिक्विड से निकलने वाले कैमिकल भ्रूण के विकास में बाधक साबित होता है। बच्चे में सर्दी खांसी के लक्षण और इम्यून क्षमता की कमी होना है।
बचाव – - मच्छरदानी का प्रयोग
- आजवांइन का प्रयोग
- नीम का पत्ता जलाकर धुंआ करना।
- लेमन ग्रास और नीम के तेल का छिडकाव।
- तुलसी का पौधा लगाना आदि।




