रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय!
आरा/ वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के शाहपुर प्रखड के गौतम नगर स्थित श्री त्रिदंडी देव गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, तथा IXORA रिसर्च एसोसिएशन झारखंड के संयुक्त तत्वाधान में मल्टी डिसीप्लिनरी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन 29 एवं 30 मार्च 2025 को आयोजित किया गया । जिसमें देश भर के 400 से अधिक विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर ने शिरकत की। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अकादमिक इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण अध्याय है। विभिन्न विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर ने बहुविषयक अनुसंधान के विभिन्न आयाम, चुनौतियों और इसके अवसरों पर व्यापक चर्चा की फार वेस्टर्न यूनिवर्सिटी नेपाल से आए डॉक्टर मदन सिंह देऊपा ने अपने विचार रखते हुए कहां के आने वाला समय मल्टी डिसीप्लिनरी एप्रोच का होगा भारत की नई शिक्षा नीति में इसे और भी व्यापकता मिलेगी तथा वैश्विक ज्ञान पटल पर भारत अपनी अमिट पहचान बनाएगा। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संजय कुमार जायसवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में बहुविक रिसर्च समय की मांग है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए जिस तरह से पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं वह आने वाले समय के वैश्विक पटल पर ज्ञान परंपरा में भारत की अपनी साख होगी आज दुनिया भर में मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च को आगे बढ़ाया जा रहा है तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ मैनेजमेंट के फैकल्टी मेंबर डॉक्टर पंकज कुमार ने अपने विचार रखते हुए मल्टीडिसीप्लिनरी अप्रोच को वैश्विक जरूरत बताया। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट फैकेल्टी मेंबर डॉक्टर मणिकांता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के अध्ययन का जो अप्रोच है वह मल्टीडिसीप्लिनरी है महाविद्यालय में एवं रिसर्च सेंटर में इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि वैश्विक जटिलता ने अध्ययन अध्यापन के मापदंड बदल दिए मल्टी डिसीप्लिनरी अप्रोच आज वैश्विक जरूरत है प्रोफेसर नीरज वर्मा विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग ने अपने विचार रखते हुए वैश्विक उन्नति के लिए बहु विषयक शोध पर जोर देते हुए कहा एक समाज की आवश्यकता विविध है इसलिए शोध के स्वरूप में भी विविधता होनी चाहिए। प्रोफेसर डी के सिंह विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग ने अपने विचार रखते हुए प्रगति के शाश्वत सिद्धांतों पर चर्चा की उन्होंने कहा आज का दौर मल्टीडिसीप्लिनरी समझ विकसित करने की है इसके लिए विभिन्न विषयों के विषय विशेषज्ञ जब एक मंच पर आते हैं और नए निष्कर्ष तक पहुंचते हैं तो समाज की उन्नति अवश्य संभावी हो जाती है।
इस मौके पर ऑनलाइन मोड में डॉ पूनम, डॉ स्मृति , डॉ रश्मि, सिवान कुमार झा, डॉ सारिक हैदर, विश्व ज्योति राय, श्वेता सिंह, प्रिंस कुमार, कुमारी खुशबू, देवस्मिता, कायनात रिजवी, अनुपम सिंह सहित दर्जनों प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया।
IXORA रिसर्च एसोसिएशन की मिस कल्पना ने कहा की शैक्षणिक जगत तेजी से बदल रहा है और वैश्विक ज्ञान परंपरा में यदि अपनी पहचान हमें कायम करना है तो हमारा अप्रोच मल्टी डिसीप्लिनरी होना चाहिए। आने वाले समय में IXORA रिसर्च एसोसिएशन इस तरह के कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर भारतीय ज्ञान व्यवस्था को और भी सुदृढ़ करने का प्रयास करता रहेगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर गुलाब फलाहारी ने IXORA रिसर्च एसोसिएशन ,विषय विशेषज्ञ एवं रिसर्च स्कॉलर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की सफलता का श्रेय दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि इस कांफ्रेंस का विषय बहुत ही सामायिक था। इस मौके पर सीनेट सदस्य संतोष तिवारी मैं अपने विचार रखते हुए ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की आवश्यकताओं पर जोर दिया उन्होंने कहा कि इससे महाविद्यालय का शैक्षणिक माहौल समृद्ध होता है। इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम होते रहना चाहिए। इस मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतकर्मी तथा शहर के गणमान्न लोग उपस्थित थे।




