पंकज कुमार जहानाबाद ।
एक तरफ जहां नीतीश कुमार के सुशासन की सरकार महादलित के लिए तरह-तरह के दिन प्रतिदिन घोषणाएं कर उनके उत्थान की बात कर रही है वहीं दूसरे तरफ सरकार के नुमाईन्दे के द्वारा महादलित के घर पर बुलडोजर चलाकर इस ठिठुरन भरी ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को विवश कर दिया है। मरता क्या नहीं करता की तर्ज पर सैकड़ो की संख्या में महादलित लोग जहानाबाद जिले के सूपी बढौना रोड को घंटो जाम कर बवाल काटा ।सड़क जाम कर रहे लोगों का साफ तौर पर कहना था कि हम लोग वर्षों से घर बनाकर उक्त जमीन पर रह रहे थे ।बावजूद इसके अंचलाधिकारी के द्वारा नोटिस देकर हम लोगों के घर पर बुलडोजर चला दिया गया ।जिसके कारण हम सभी लोग बेघर हो गए हैं ।इस ठंड की मौसम में सड़क के किनारे जीने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में सड़क जाम कर हम लोग मांग कर रहे हैं कि हम लोगों को आवास बनाने को लेकर जगह सरकार आवंटित करें एवं आवास का लाभ हम लोगों को दे। सड़क जाम कर रहे लोगों ने साफ तौर पर कहा कि अगर हम लोग अतिक्रमण में बसे हुए थे तो हम लोगों को सरकार के द्वारा कैसे आवास योजना का लाभ देकर घर बनवाया गया। जिसे आवास को बुलडोजर लगाकर सरकार तोड़ डाला। जिससे हम लोग ठंड के इस मौसम में बेघर हो गए हैं ।सड़क जाम कर रहे लोगों ने प्रशासन एवं नीतीश सरकार के खिलाफ आक्रोशित होकर कहा की सरकार सिर्फ महादलित के नाम पर ढोंग कर रही है ।इस मौके पर सड़क जाम हटाने के लिए पहुंचे काको प्रखंड के वीडियो ने बताया कि हमको सड़क जाम की सूचना मिली थी ।सड़क जाम हटाने को लेकर हम यहां पर पहुंचे हैं पिछले कुछ घंटे से सड़क जाम है। इन लोगों का मांग है कि हम लोगों को जो बुलडोजर लगाकर घर तोड़ा गया है हम लोगों को घर बनाने के लिए जगह आवंटित कर आवास योजना का लाभ दिया जाए। इसके लिए हम वरीय अधिकारियों को सूचित कर दिए हैं ।लोगों से अपील कर सड़क जाम को हटा दिया। आपको बताते चलें कि काको प्रखंड के हाटी गांव के समीप सरकारी भूमि को अतिक्रमण कर घर बनाने को लेकर अंचल अधिकारी काको के द्वारा एक दिन पहले बुलडोजर लगाकर लगभग 17 घरों को तोड़ डाला गया था ।जिन गरीबों एवं महादलित का घर टूटा है वह सभी लोग इस ठिठुरन भरी ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं यहां पर यह सवाल उठता है कि जब यह जगह अतिक्रमित था तो किस स्थिति में आवास योजना का लाभ देकर इन लोगों का घर बनाया गया यह जांच का विषय है।




