रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय
पत्रिका विमोचन
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में आज “मानस वार्ता “पत्रिका का विमोचन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विमोचन करता माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी जी थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंडियन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर तारिणी जी ,विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रोफेसर रणविजय कुमार, प्रॉक्टर डॉ लाल बाबू सिंह सीसी डी सी प्रोफेसर प्रसून जय कुमार सिंहा तथा मनोविज्ञान विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर लतिका वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके समारोह का उद्घाटन किया। मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग की डॉक्टर प्रियंका पाठक ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर यशवंत कुमार ने किया।
सभी अतिथियों को सम्मानित करने के पश्चात सरस्वती वंदना श्री श्रेयश भारद्वाज ने प्रस्तुत किया ।तत्पश्चात प्रोफेसर लतिका वर्मा ने आए हुए अतिथियों का विधिवत स्वागत किया और पत्रिका मानस वार्ता के विषय में लोगों को अवगत कराया ।इस पत्रिका का थीम “स्वकरुणा एवं कल्याण “था। अपने आप के प्रति दया, सहानुभूति और समझदारी का भाव रखना, अपने आप को स्वीकार करना ,अपनी कमियों और गलतियों को समझना और अपने आप को सहारा और समर्थन देना ,यही आज की युग में सबसे महत्वपूर्ण है ।.जिसे स्व करुणा के नाम से जाना जाता है। कल्याण यानी शारीरिक, मानसिक ,भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य की अच्छी स्थिति है। यह ऐसी स्थिति है जहां व्यक्ति अपने जीवन में संतुष्टि ,आनंद और संतुलन महसूस करता है। कल्याण में व्यक्ति के शारीरिक मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके सामाजिक और पर्यावरणीय संबंधों का भी समावेश होता है। इन्हीं विषय से संबंधित कई लेख , सभी महाविद्यालयों के मनोविज्ञान विभाग की गतिविधियां, उपलब्धियां आदि का भी वर्णन इस पत्रिका में साझा किया गया है ।इस पत्रिका में शिक्षकों और छात्रों द्वारा लिखित लेख भी हैं ।कई एलुमनी के द्वारा उनके सक्सेस स्टोरी को भी साझा किया गया है, ताकि छात्र इससे लाभान्वित और प्रेरित हो सके।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर कुलपति प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने विभाग के इस प्रयास को मील का पत्थर कहा और कहा कि मनोविज्ञान विभाग ने इस पत्रिका को प्रकाशित करके विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। तथा और सभी विभागों को भी ऐसा करने के लिए उन्होंने प्रेरित किया। कुल सचिव प्रोफेसर रणविजय कुमार ने भी अपने वक्तव्य में कहा की शैक्षणिक गतिविधियां और अकादमिक गतिविधियां हमेशा विभाग के द्वारा आयोजित होनी चाहिए। इससे सभी छात्र एवं शिक्षक भी सक्रिय रहते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है ।प्रोफेसर प्रसंजय कुमार सिन्हा ने अपने आशीर्वचन में कहा कि एक बहुत ही सुंदर प्रयास मनोविज्ञान विभाग के द्वारा आज किया गया। आज यह पहली पत्रिका है जो किसी विभाग में प्रकाशित किया है। इंडियन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर तारिणी जी ने बहुत ही उत्साहित और खुश होकर कहा कि पूरे बिहार में किसी भी विश्वविद्यालय में अभी तक मनोविज्ञान विभाग से ऐसी पत्रिका का प्रकाशन नहीं हुआ है ।इसके लिए उन्होंने प्रोफेसर लतिका वर्मा को बहुत साधुवाद दिया तथा उनके पूरे टीम को उनके मेहनत और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। प्रोफेसर लतिका वर्मा ने डॉक्टर प्रियंका पाठक ,डॉ कुमारी प्रीतिका ,छात्र विकास गुप्ता को सम्मानित करते हुए कहा की इन तीनों का सहयोग इस पत्रिका के प्रशासन में भरपूर रहा और उनके अथक प्रयास का यह फल आज प्राप्त हुआ।
इस कार्यक्रम में साक्षी बने वाकुता के अध्यक्ष प्रोफेसर चंचल पांडे सचिव शशि भूषण राय, मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, डॉक्टर निहारिका सिन्हा ,डॉक्टर सादिया हबीब, डॉक्टर भवप्रिता कुमारी, रामेंद्र कुमार सिंह ,डॉक्टर सुप्रिया पाठक ,डॉ चंदन कुमार, डॉ के सी चौधरी ,डॉक्टर वाचस्पति दुबे, डॉक्टर कृष्ण कुमार, डॉक्टर साधना रावत ,डॉ साधना कुमारी, डॉ खुशबू कुमारी,डॉ मंजू सिंह , स्मिता सिंह आदि उपस्थित थी ।शोधार्थियों में विकास सिंह, गुड़िया कुशवाहा ,अभिनव, सुशील ,विकास गुप्ता, निवेदिता कुमारी ,सुशील ठाकुर, विकास कुमार, प्रीति कुमारी, प्रियंका कुमारी आदि उपस्थित थे। छात्रों में अमन श्रेया साक्षी आदि ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।




