गिरिजा मंदिर में 65 सौ व फुलहर पुष्प वाटिका में 51 सौ दीपों से जगमग हो उठा परिसर!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

दीपो से जगमग होने लगा फुलहर मंदिर व पुष्प वाटिका लगी लोगों की भीड़

मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड क्षेत्र स्थित पौराणिक गिरिजा माई मंदिर फुलहर में दीपावली के अवसर पर 6500 सौ दीपो तो वही फुलहर पुष्प वाटिका में 5100 सौ दीपो को स्थानीय लोगों के द्वारा प्रज्वलित कर दोनों जगहों को प्रकाश से जगमगा किया गया। वही मंदिर परिसर व पुष्प वाटिका में हर वर्ष के तरह इस वर्ष भी बड़े अनोखे अंदाज में सजाया गया और दीपोत्सव मनाया गया। इसमें स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर दीप प्रज्वलित करते है। इधर दीपोत्सव के बाद मंदिर की मनोरम दृश्य को देखने आसपास के इलाके से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं जानकारी देते हुए मां गिरजा युवा क्लब के अध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया हर साल की तरह इस वर्ष भी दीपावली के अवसर पर दीप प्रज्वलित किया गया। वहीं फुलहर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रंजीत ठाकुर ने बताया फुलहर पुष्प वाटिका में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दीपावली के अवसर पर 5100 सौ दीप प्रज्वलित किया गया। इस मौके पर मां गिरजा युवा क्लब के कोषाध्यक्ष चंदन महतो, मनोज कुमार, मुरारी गिरी, सोनू यादव, नीतीश कुमार, बैजनाथ यादव, रविंद्र कुमार, पिंकू साह, वही पुष्प वाटिका में पुजारी बिहारी पांडेय, मंदिर निर्माण के अध्यक्ष झगड़ू यादव, अमरेश यादव, संतोष यादव, पिंटू यादव, रंजीत राय, वीरेन्द्र शर्मा, चंदन कुमार सहित दर्जनों स्थानीय लोग मौजूद थे। बताते चलें की ये दोनों स्थानों का अपना खास महत्व है। जहां रोज सीता पूजा करने आती थी और उन्हें मनोकामना पूर्ण होने की वरदान प्राप्त हुआ था उस जगह को आज भी लोग मनोकामना माता के रूप में पूजते आ रहे हैं। वही जहां सीता रोज पुष्प तोड़ा करती थी और जहां सीता राम का प्रथम मिलन हुआ था उन वाटिका को फुल हर नाम से आज भी पूजा जाता है। वैसे तो इतने महत्वपूर्ण स्थानों को लेकर प्रशासनिक या यों कहें सरकार के स्तर पर उपेक्षित देखा जाता आ रहा है। लेकिन लोगों की आस्था का जुराब इन स्थानों से इतना गहरा है कि लोग समय समय पर यहां भव्य आयोजन करते रहे हैं। तो दीपावली के अवसर पर वर्षों से यहां स्थानीय लोगों के सहयोग से भव्य दीपोत्सव आयोजित किया जाता रहा है।

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