रिपोर्ट- अमित कुमार!
कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने की शराबबंदी कानून खत्म करने की मांग, कहा- बिहार के विकास के लिए उठाए यह कदम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक अजीत शर्मा ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को खत्म करने की वकालत करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार पूरी तरह शराबबंदी लागू नहीं करवा सकती तो इस कानून को समाप्त कर, ऊंचे दाम पर शराब की बिक्री से प्राप्त राजस्व का उपयोग प्रदेश के विकास और गरीबों के भले के लिए किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितनराम मांझी से तेजस्वी यादव पर लगाए गए आरोपों के लिए माफी की मांग की है।
विस्तार से खबर:
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक अजीत शर्मा ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून को लेकर अपनी कड़ी राय व्यक्त की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि राज्य सरकार और उसके अधिकारी पूरी तरह से शराबबंदी को लागू करने में असमर्थ हैं तो इस कानून को समाप्त कर देना चाहिए। अजीत शर्मा ने सुझाव दिया कि शराब की कीमतें दो से तीन गुनी कर दी जाएं, और इससे होने वाली आय का इस्तेमाल राज्य के विकास और गरीबों की भलाई के लिए किया जाए।
अपने बयान में अजीत शर्मा ने केंद्रीय मंत्री जितनराम मांझी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मांझी ने तेजस्वी यादव पर शराब पीने का आरोप लगाया है, जिसका अर्थ है कि मांझी स्वयं भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मांझी को इस तरह के आरोप लगाने के लिए न केवल तेजस्वी यादव से बल्कि पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
शराबबंदी कानून पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अजीत शर्मा ने कहा, “मैं फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह करता हूं कि या तो शराबबंदी कानून को पूरी तरह लागू किया जाए, या इसे समाप्त कर दिया जाए और ऊंची कीमत पर शराब की बिक्री से अर्जित राजस्व को राज्य के विकास के लिए इस्तेमाल किया जाए।”
इसके साथ ही उन्होंने एनडीए गठबंधन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जो एक आम प्रक्रिया है। उन्होंने हरियाणा चुनाव में मशीनों की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उम्मीद जताई कि झारखंड में कांग्रेस अपनी सरकार बनाएगी।
बाइट:
अजीत शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक




