रिपोर्ट- संतोष कुमार चौहान!
सुपौल :- बिहार साइबर सुरक्षा और संरक्षा जागरुकता सप्ताह कार्यक्रम के अन्तर्गत साइबर अपराध से बचाव हेतु कार्यशाला आयोजित।
सुपौल :- स्थानीय सेंट जेवियर्स हाई स्कूल ,सुपौल के सभागार में साइबर थाना सुपौल के सौजन्य से साइबर अपराध से बचाव के मद्देनजर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आए दिन साइबर अपराधियों द्वारा निर्दोष व्यक्तियों को अपने जाल में फँसा कर उन्हें शोषित एवं उत्पीड़ित किए जाने के बचाव का तरीका सिखलाना था।
कार्यक्रम का आरंभ प्रबंधक राहुल आनंद,प्राचार्य सर्वेश कुमार तिवारी, प्रशासक वी.सी.मिश्रा, थाना इंस्पेक्टर सत्य नारायण राय एवं ललन पासवान द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
सर्वप्रथम विषय पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय प्राचार्य सर्वेश कुमार तिवारी ने कहा कि आज के समय में साइबर क्राइम विश्व स्तर पर एक जटिल समस्या बन कर उभरा है।इस समस्या से निजात पाने के लिए हमलोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। हमें किसी भी अपरिचित व्यक्ति से आनलाइन प्लेटफार्म पर किसी प्रकार का डिजिटल सम्बन्ध से बचना चाहिए।
साइबर थाना के इंस्पेक्टर सत्य नारायण राय ने इस कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए बताया कि साइबर अपराध के साधन लैपटॉप, मोबाइल आदि द्वारा अपराधी धन प्राप्ति हेतु मेल या व्हाट्सएप आदि द्वारा अपराध आरंभ करते हैं। अपराधी विभिन्न सोसल साइटों के द्वारा अपशब्दों के माध्यम से निर्दोष व्यक्तियों पर दबाव बनाता है । लोन दिए जाने के नाम पर और ऐसे कई अनुचित माध्यमों से वह अपराध को बढ़ावा देता है। ऐसे सभी अनुचित साधनों के द्वारा वह अपने जाल में निर्दोष को फसाता है। ये अपराधी बच्चों से दोस्ती भी करते हैं और अपनी पहचान की चोरी भी करते हैं । इस तरह ही कई प्रकार से साइबर अपराध को अंजाम देते हैं।
इंस्पेक्टर ललन पासवान ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल लेपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुचित उपयोग से बचना चाहिए। आप सभी पढ़ाई के काम में मोबाइल का उपयोग करते है। इस क्रम में आपको यदि किसी प्रकार का अवांछित मैसेज आता है तो अपने अभिभावकों से अवश्य बताए । किसी भी अपरिचित व्यक्ति से किसी प्रकार की दोस्ती न करें। उनके साथ किसी भी प्रकार का डाटा आदान प्रदान न करें।
प्रबंधक राहुल आनंद ने कहा कि साइबर अपराध आमजनों से लेकर प्रशासनिक महकमे के लिए जटिल समस्या बन गई है।इस प्रकार के अपराध से बचने के लिए स्वयं की जागरूकता के साथ साथ अनावश्यक नोटिफिकेशन एवं ईमेल इत्यादि से बचने की बहुत बड़ी जरूरत है।
अंततः सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विद्यालय प्रशासक वी.सी.मिश्रा ने छात्रों को साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी हम पर बुरी तरह से नियंत्रण कर बैठते हैं।अतः बच्चों को जीवन में आने वाली साइबर अपराध संबंधी समस्याओं से सतर्क रहना होगा।इस संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं के समक्ष आनेवाली कई समस्याओं का संतोषजनक समाधान भी दिया गया। कार्यशाला में कम्प्यूटर, लैपटाप और स्मार्टफोन का उचित उपयोग करने और सुरक्षा के नियमों की जानकारी भी प्रदान की गई।।
इस कार्यशाला के सफल आयोजन में आरक्षी शशिरंजन कुमार एवं डाटा आपरेटर अश्विनी कुमार समेत विद्यालय कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही।




