रिपोर्ट- आशीष कुमार
बिहारशरीफ : मनीराम अखाड़ा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा आज भी उपेक्षा का शिकार है। राष्ट्रपिता की जयंती पर भी शहरवासियों ने उनकी याद में दो फूल चढ़ाना मुनासिब नहीं समझा। ये न केवल एक महान व्यक्तित्व के प्रति अनादर को दर्शाती है, बल्कि समाज में बढ़ती उदासीनता की ओर भी इशारा करती है। गांधी जयंती के अवसर पर जहां देशभर में बापू को याद किया जा रहा था, वहीं इस शहर में उनकी प्रतिमा अकेली और उपेक्षित खड़ी रही। न तो जिला प्रशासन, न किसी राजनीतिक दल और न ही आम नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करना या फूल चढ़ाना जरूरी समझा। गांधी जयंती के दिन भी प्रतिमा की साफ-सफाई नहीं की गई। यह स्थिति न केवल महात्मा गांधी के प्रति अनादर को दर्शाती है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति लापरवाही को भी उजागर करती है।




