48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल का 15 वां स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाया गया!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

मधुबनी जिले के जयनगर में 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी) ने धूमधाम से अपना 15 वां स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाया। यह कार्यक्रम वाहिनी के प्रांगण में आयोजित किया गया। जिसमें वाहिनी के सभी अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि संदीक्षा अध्यक्षा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद कार्यक्रम के अध्यक्षा ने जवानों द्वारा लगाई गईं सभी स्टालों का उद्घाटन किया। जिसमें बल के गोविन्द सिंह भंडारी (कमांडेंट), विवेक ओझा (उप कमांडेंट), संतोष कुमार निमोरिया (उप कमांडेंट), मोहोद मनीष देवानंद (सहायक कमांडेंट) तथा डी सी एल आर जयनगर, बी डी ओ जयनगर और बशुप्त्ति साथ साथ नेपाल रेलवे के अधिकारी सरवन लाल मीणा, राजेश संबल उपस्थित रहे । जवानों द्वारा भिन्न भिन्न प्रकार के लजीज खाने तथा मनोरंजन के स्टॉल लगाए गए थें। जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वाहिनी के कमांडेंट गोविन्द सिंह भंडारी ने अपने संबोधन में सशस्त्र सीमा बल के उद्देश्यों और उनके द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने वाहिनी के जवानों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की, जिन्होंने सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम के दौरान कई खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जवानों द्वारा आत्मरक्षा के कौशल का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही, वीरता और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई जवानों को पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि संदीक्षा अध्यक्षा ने वाहिनी की उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य में और भी अधिक तत्परता से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र सीमा बल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वहां के लोगों के बीच विश्वास और सहयोग का माहौल बनाया है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद जवानों और उनके परिवारों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। वही बता दें की
सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी ) भारत की सीमा सुरक्षा बलों में से एक है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की सीमाओं की सुरक्षा करना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है। एस एस बी का गठन वर्ष 1963 में हुआ था और यह संगठन अपने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के लिए जाना जाता है। जो आज के समय में मधुबनी जिले से लगने वाली भारत नेपाल के सिमा पर होने वाली किसी भी असमाजिक गतिविधि को रोकने में जहां सक्षम है। वही अपने कार्यक्षेत्र में मनुष्य से लेकर पशु पक्षी के हितको लेकर मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाती रही है। तो वही पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सशस्त्र सीमा बल द्वारा पेर लगाया जाता रहा है। ये बल सुरक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, खेल, पर्यावरण के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य लगातार करती आ रही है।

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