रिपोर्ट- अरविंद कुमार!
बच्चे ईर्ष्या, नफरत, निंदा व द्वेष की भावना से दूर रहे, किसी से झगड़ा ना करें, बल्कि वाणी में मिठास लावे: नवल किशोर
समस्तीपुर
समस्तीपुर संत निरंकारी मिशन शाखा के तत्वाधान में रविवार को जोनल बाल सत्य समागम का आयोजन किया गया। इस इस समागम में बरौनी जॉन के विभिन्न जिलों से 500 से अधिक बाल प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस मौके पर पटना सह रांची के जोनल इंचार्ज एवं ज्ञान प्रचारक महात्मा नवल किशोर जी ने बाल संगतो को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में स्वच्छ, सुंदर,समृद्ध,सुदृढ़, प्रगतिशील व परोपकारी समाज व राष्ट्र निर्माण में निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज जहाँ एक ओर ब्रह्म ज्ञान की उज्जवल लौ से जोड़कर संसार क़ो मानवीयता की राह प्रदान कर रही है, तो वही दूसरी ओर छोटे-छोटे बच्चों को भी सेवा, सिमरन व सत्संग से जोड़ने का प्रयास कर रही है। जिस प्रकार हम सत्संग में सेवा कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उसी प्रकार बच्चे, माता-पिता, बुर्जुग व गुरुजनों की बात मानकर सही दिशा में चल कर उनके आशीर्वाद के पात्र बने। जिस प्रकार सिमरन करते वक्त हम परमात्मा का ध्यान करते हैं उसी प्रकार आप बच्चे एकाग्र होकर संपूर्ण ध्यान से अपनी-अपनी पढ़ाई,खेल व दूसरे बौद्धिक एवं शारीरिक विकास के कार्यों को करें और जीवन में आगे बढ़े। जिस प्रकार सत्संग करने से हमें एकत्व, विश्वबंधुत्व, समर्पण सहनशीलता व मानवीयता के रहो पर चलने की प्रेरणा मिलती है। ठीक उसी प्रकार आप बच्चे भी सत्संग से प्रेरणा लेकर अहंकार, वैर, ईर्ष्या, नफरत, निंदा व द्वेष की भावना से दूर रहे, किसी से झगड़ा ना करें, बल्कि वाणी में मिठास, कर्मों में परोपकार व दया एवं विचार में स्वतंत्रता की भावना को स्थान दें । तो अवश्य ही आपके ऐसे सुंदर,संस्कार व चरित्र से आने वाले समय में आप एक स्वच्छ,सुंदर, सुदृढ़,समृद्ध, प्रगतिशील व परोपकारी समाज व राष्ट्र के निर्माता बनेंगे जो मानवता के लिए कल्याणकारी होगा। उक्त विचार पटना सह रांची के जोनल इंचार्ज एवं ज्ञान प्रचारक महात्मा नवल किशोर जी ने बाल संगतो को संबोधित करते हुए अपने प्रवचन के माध्यम से कहा।
इस अवसर पर समस्तीपुर जिला सहित दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, बेगूसराय, सहरसा पूर्णिया, खगड़िया सहित कुल 9 जिलों के बाल संतो ने सैकड़ो की संख्या में भाग लेकर विचार,भजन, नृत्य,व शिक्षाप्रद नाटको के माध्यम से अपना मनोभाव रखा।
संपूर्ण सत्संग कार्यक्रम संयोजक महात्मा जवाहर प्रसाद जी, स्थानीय मुखी महात्मा राजेश कुमार जी, संचालक महात्मा राम प्रकाश जी, शिक्षक महात्मा नंदेश्वर जी की निगरानी में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मिशन के स्थानीय मुखी महात्मा राजेश जी ने कहा की निरंकारी बाल समागम बच्चों क़ो सेवा, सिमरन व सत्संग से जोड़ने का एक सफल माध्यम है।
इस अवसर पर यमुना प्रसाद जी, प्रभु दयाल जी,मोतीलाल जी,चंदेश्वर जी,अनीता जी, राज किशोर जी, कमल किशोर जी,बच्चा शर्मा जी, मिथिलेश जी सहित सैकड़ो की संख्या में बाल संत उपस्थित थे।




