स्कूल परिसर में जलजमाव से नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर किया हंगामा!

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रिपोर्ट- शशिकांत मिश्रा!

छात्रों ने किया सड़क जाम तो अधिकारियों की खुली नींद , शिक्षा विभाग की पूर्व तयारियो की खुली पोल

लखीसराय जिला मुख्यालय से बेहद ही नजदीक लाली पहाड़ी के तलहटी मे बने मध्य विद्यालय हसनपुर मे बरसात के मौसम मे विगत कई वर्षों से जल जमाव की स्थिति उतपन हो जाती है जिसके कारण विद्यालय मे पठन – पाठन की प्रक्रिया के साथ मध्यान भोजन भी प्रभावित होती है , वहीं इसका सीधा प्रभाव विद्यालय मे पढ़ रहे बच्चों के स्वास्थ को भी प्रभावित करता है ,
वहीं दूसरी और विद्यालय के समीप ही आसपास के इलाके के नाली के गंदे पानी को विद्यालय परिसर मे ही छोड़ ड़िया जाता है जिसके कारण से जमे पानी से बदबू सहित पानी मे कीड़े भी देखे जाते है , वहीं इसकी शिकायत वरीय पदाधिकारी को हर वर्ष दी जाती है लेकिन इसके बाबजुड़ भी आज तक कोई भी उचित समाधान नहीं निकल सका जिसके कारण छात्र को मजबूरन अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा । लखीसराय मुख्य मार्ग स्थित कवैया थाना के समीप सैकड़ों की सनखया मे छात्रों ने सड़क जाम कर लरीब आधा घंटा से ऊपर बवाल काटा , जिसकी सूचना मिलते ही जिले के तमाम अधिकारियों की नींद खूली और आनन फानन मे जिलाधिकारी के निर्देश पर लखीसराय DPO संजय कुमार पहुँच विद्यालय की स्थिति को देखा और जिलाधिकारी के निर्देश परत विद्यालय परिसर मे फिलहाल मिट्टी की भराई कार्य को लेकर बात कहीं जिससे विद्यालय मे पठन पाठन को प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके ।
वहीं सड़क जाम किये हुए छात्रों को मौके पर पहुँच कवैया थाना की पुलिस ने समझा बुझा कर शांत कराया और जिसके बाद सड़क जाम को हटाया गया , वहीं करीब 1 से 2 किलोमीटर तक सड़क जाम को देखा गया जिससे पूरी तरीके से यातायात बाधित हुई ।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों की माने तो जब से यह विद्यालय है तबसे से बरसात के मौसम मे विद्यालय जलमग्न हो जाता है , वहीँ जिला मुख्यालय से बेहद ही करीब यह विद्यालय है तब इसकी दुर्गति यह है तो और की क्या अपेक्षा की जाती है , वहीं आज तक इस समस्या पर कोई भी पदाधिकारी ने कभी ध्यान ही नहीं दिया वहीं इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी काफी उदासीनता दिखते है ,।
वहीं सवाल यह उठता है की क्या शिक्षा विभाग के आला अधिकारी छात्रों के सड़क जाम करने की प्रतीक्षा कर रहे थे ,

क्या छात्रों की समस्या अधिकारियों को नहीं दिखी ?
बार – बार सूचना मिलने के बाबजूद भी क्यों कोई उचित व्यवस्था नहीं गई ?

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