हिंदू नाम बताकर नाबालिग से की दोस्ती, भगाकर ले जाने के दौरान तीन बच्चों का बाप मो. इम्तियाज़ गिरफ्तार!

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रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार

15 वर्षीय नेपाली नाबालिग लड़की फुसलाकर ले जाने में, मोहम्मद इम्तियाज़ मियाँ हुआ गिरफ्तार…
मानव तस्करी रोधी ईकाई क्षेत्रक मुख्यालय (बेतिया) कार्यालय 47वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल मोतिहारी, रक्सौल, पूर्वी चम्पारण, (एएचटीयू) भारत नेपाल बौर्डर पर मानव तस्करी पर रोकथाम का कार्य कर रही है । यह एसएसबी की चार वाहिनियाँ (21वीं बगहा, 44वीं नरकटियागंज, 47वीं रक्सौल, 65वीं बेतिया) के कार्य क्षेत्रों में मानव तस्करी रोकथाम के लिए श्रेष्ठतम कार्य करने के प्रयोजन निरंतरता से लगी है। साथ ही आसूचना पर अन्य राज्यों से भी मानव तस्करी का शिकार नाबालिगों कों रेक्स्यु कर उद्दार किया जाता है, इसी सन्दर्भ में एएचटीयू क्षे.मु. ने “मिशन निर्भया” प्रोग्राम लांच कर रखा है।
एएचटीयू टीम के प्रभारी के सुचना तंत्र से एक सुचना प्राप्त हुई कि कोई व्यक्ति नेपाल की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को रक्सौल या इसके आसपास के क्षेत्र से निकलने की सम्भावना है अत: इस पर सभी ड्यूटी में अलर्ट कर दिया गया । कुछ समय बाद एएचटीयू टीम को एक व्यक्ति के साथ एक नाबालिग लड़की जाती दिखी तो टीम को संदेह हुआ और फिर उनको रोक कर जब पूछताछ की तब सभी आश्चर्यचकित रह है।
पूछताछ के समय में व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम मोहम्मद इम्तियाज़ मियाँ व् उम्र 28 वर्ष है, वह नेपाल में रतनपुर घोराई जिला पर्सा नेपाल का रहने वाला है । उसके पहले से ही एक बीवी और तीन बच्चे हैं। वह ट्रेक्टर या किसी भी प्रकार की मजदूरी कर के जीवन यापन करता है।मोहम्मद इम्तियाज़ मियाँ से जब पूछा गया तब उसने बताया कि वो नाबालिग लड़की अंजली कुमारी (उम्र- 15 वर्ष ) के गावं में मजदूरी के लिए गया था, फिर उससे दोस्ती करने का प्रयास करने लगा और कुछ ही समय में ही लड़की से दोस्ती भी हो गयी। और लड़की को मंदिर में जा कर सिन्दूर भी लगा दिया।
लड़की ने बताया कि पहले उस व्यक्ति ने उसे अपना नाम वीरेंदर बताया था किन्तु जब उसे प्यार हो गया तब उसने बताया कि उसका नाम मोहम्मद इम्तियाज़ मियाँ और। किन्तु व्यक्ति के झांसे में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की इतना आ गयी कि वो उसकी हर बात मान रही थी। फिर बहुत जल्दी उसने नाबालिग लड़की को बताया कि वो पहले से शादीशुदा है और उसके तीन लड़की है। इससे लड़की पहले सदमे में आई किन्तु व्यक्ति के झांसे में आ गयी और व्यक्ति के साथ रहने का फैसला किया। फिर व्यक्ति ने उसे इस्लाम के बारे में समझाया इसलिए अब लड़की इस्लाम का अनुक्रण करने लगी है और फिर उसे अपने घर ले जा कर अपनी बीबी से भी मिलवाया। लड़की ने बताया की उसकी बीबी ने उससे कहा कि दोनों मिल कर साथ रह् कर घर चलाएंगे। सास ससुर भी बहुत खुश थे।
फिर लड़की के घर वालों से बात कि गयी तब उन्होंने बताया उनकी लड़की को कोई अनजान मजदूर व्यक्ति उनकी लड़की को बहला फुसला कर भगा ले गया है और इस सन्दर्भ में नेपाल पुलिस में प्राथमिकी अंकित भी करवाई गयी थी।जब लड़की के परिवार में यह जानकारी दी गई कि उनकी लड़की को रक्सौल में रेस्क्यू किया गया है तब उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि वो अपनी बच्ची को हमेशा के लिए खोया हुआ मान लिए थे।
इस स्पेशल रेस्क्यू ओपरेशन को सफल करने में जिनका बहुत बड़ा सहयोग रहा , इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक अनिल कुमार शर्मा व् हवलदार अरविन्द द्विवेदी इतियादी सम्मिलित रहे।

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