जहानाबाद के इस गाँव में आज भी औसत से कम होती है वोटिंग!

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पंकज कुमार जहानाबाद।

मसौढी का पिपला गांव जहां औसत से कम होती है वोटिंग।

लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर चल रही है ऐसे में एक तरफ जहां पटना जिला प्रशासन के द्वारा लगातार स्वीप के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चल रही है। ऐसे में इस अभियान को आइना दिखा रहा है ।मसौढी प्रखंड का पिपला गांव जो पाटलिपुत्रा लोकसभा क्षेत्र में आता है जहां पर औसत से कम वोटिंग होती है। पिछले साल लोकसभा चुनाव में महज 19 प्रतिशत ही मतदान हुआ था जबकि उस गांव में दो मतदान केंद्र बनाए जाते हैं और लगभग 1700 मतदाताओं की संख्या है ।बावजूद वहां पर वोटिंग कम होना यह अपने आप में कई तरह के सवाल उठाते हैं। पिपला गांव के पूर्व मुखिया रहे नसीमुद्दीन मलिल्क सहित कई मतदाताओं ने बताया कि यहां पर वोट का प्रतिशत कम रहता है क्योंकि यहां के स्थानीय ग्रामीण लोग राजनीतिक नेताओं से नाराज हैं क्योंकि बताया जाता है कि यहां कोई भी नेता वोट मांगने आने के बाद कभी गांव में नहीं आते हैं ।चाहे वह किसी भी दल के नेता हो। ऐसे में वोट के प्रति रुचि गांव के लोगों का नहीं रहती है। इसके अलावा सांसद एवं विधायक के फंड से भी इस पंचायत में आज तक कोई भी काम नहीं हुआ है ।जिसको लेकर यहां का वोट प्रतिशत बहुत ही कम रहता है। ग्रामीण बताते हैं कि यहां दो मतदान केंद्र हैं एक मतदान केंद्र पर सभी जाति धर्म के लोगों का वोट है, जबकि दूसरे मतदान केंद्र पर सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं का वोट है। ऐसी स्थिति में भाजपा वाले इस गांव में वोट मांगने नहीं आते हैं जबकि मिशा भारती वोट मांगने आने के बाद 5 साल तक गांव की ओर ध्यान नहीं देती है। गांव के एक गली का ढलाई राज्यसभा सांसद मिशा भारती अपने फंड से पूर्व में एक विशेष व्यक्ति के लिए कराई थी लेकिन सार्वजनिक रूप से अब तक विधायक एवं सांसद कोई विकास कार्य गांव में नहीं किए हैं। यही कारण है कि मतदान का प्रतिशत इस गांव में लगातार कम रहता है। सरकार के द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान का टीम भी पिपला गांव में नहीं गया है ।जिसके कारण मतदाता अपने मत के प्रति जागरूक नहीं हो पाते हैं।

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