मनोज मंजिल को आजीवन कारावास की सजा राजनितिक दुर्भावना का परिणाम – दीपांकार!

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रिपोर्ट- अमित कुमार

मनोज मंजिल के आजीवन करावास पर माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की प्रेस वार्ता के प्रमुख बिंदु :-

मनोज मंजिल पर फैसला अन्यायपूर्ण है पुरा केस राजनीतिक् दुर्भवना का केस है
२०१५ मे भोजपुर मे हमारे नेता की हत्या हुई थी

किसी अन्य हत्या के केस मे मनोज मंजिल को फंसाया गया

केस की पुस्टि नही हुई

जिस बिहार मे एक से एक जनसंहार हुए ,बाथे, शंकर बिगह मे एक भी सजा नही हुई है

न्याय् के नाम पर मजाक है

बीजेपी की समंती सोच है ,इसी सोच मे माले के नेताओं के साथ अन्याय होता रहा है

विरोध की हर आवाज को कुचला जा रहा है।

पूरे देश मे विपक्ष की हर पार्टी पर हमले हो रहे है

नितीश कुमार को किसी तरह से बहुमत मिला वो टिकरम का प्रभाव है

विधायकों को डरा धमका कर रखा जा रहा है।

लगातार मनोज मंजिल आंदोलन का नेतृत्व किया था,शिक्षा के अधिकार को लेकर आंदोलन किया

आज पूरे राज्य मे विरोध कियाहै

न्याय के लिए हाई कोर्ट मे जाएगे और जनता की अदालत मे जाएगे

16को पूरे देश के किसान और ट्रेड यूनियन ने हड़ताल किया है

कुछ किसान दिल्ली पहुंच रहे है ये सरकार किसानो के आंदोल्न् को दबाना चाहती है

ये किसानो के मामले मे ढोंग कर रही है

ये सरकार स्वामिनाथन रिपोर्ट को नही मानती है लेकिन स्वामीनाथन को भारत रत्न देती है जो सोच से परे है।

सीटों को लेकर महागठबंधन मे बात हो रही है।

नितीश कुमार् विकास का राग अलापते रहे जबकि सबसे अधिक गरीबी है।

बीजेपी ने बिहार के विकास का ढोंग किया।

देश में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे है!

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