बेगूसराय के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रुपेश कुमार से मंगा 20 करोड़ की रंगदारी, नहीं देने पर जान से मारने की धमकी!

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रिपोर्ट– प्रशांत/नेहा

बेगूसराय जिला के चर्चित शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रुपेश कुमार को पत्र भेजकर 20 करोड़ की रंगदारी मांगा है। इस मामले गंभीरता से लेते हुए पुलिस काफी तत्परता से काम कर रही है। इस मामले बेगूसराय एसपी योगेंद्र कुमार ने पुलिस की टीम बनाकर पूरे मामले की जांच कर रही है बनाए गए टीम ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले को एसपी योगेन्द्र कुमार खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शनिवार की डेरा शाम एसपी योगेन्द्र कुमार ने प्रेसवार्ता आयोजित कर पत्रकारों को बताया कि डॉ. रूपेश कुमार को स्पीड पोस्ट से एक पत्र भेजा गया। जिसमें रंगदारी नही देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर डीएसपी एवं बलिया डीएसपी के नेतृत्व में दो टीम का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि टीम ने सूचना संकलन एवं तकनीकी अनुसंधान एवं सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करते हुए इस घटना में शामिल आरोपियों की कल ही पहचान कर ली थी। उसके गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। जिसमें सफलता मिली है और आगे की कार्रवाई लगातार चल रही है।एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। जिसने डॉक्टर रुपेश कुमार को फोन किया था, उसे हिरासत में लिया गया है। भेजे गए पत्र में प्रेषक में जिसका नाम लिखा हुआ था उसे भी हिरासत में ले लिया गया है। इसके अलावा भी दो अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ की जा रही है।
एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को डॉक्टर के लैंडलाइन नंबर पर फोन करके गाली गलौज एवं धमकी दिया गया था। जांच में पता चला है कि जिस व्यक्ति ने धमकी दी थी, उसके एक साल की बच्ची की मौत डॉ. रुपेश कुमार के यहां इलाज और ऑपरेशन के दौरान हो गई। उसी सदमा में उसने फोन करके गाली-गलौज और धमकी दिया था। जिसके लिए माफी मांगी ली है। पत्र में भेजने वाले का नाम बमबम यादव लिखा हुआ है। बमबम यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया तो खुलासा हुआ कि साढे 17 वर्ष का यह लड़का पटना में रहकर कोचिंग करता है एवं ग्रेजुएशन का छात्र है। इसके परिवार का पड़ोसी से विवाद चल रहा है। इसी के कारण पत्र भेजकर बमबम के परिवार को फंसाने की साजिश रची गई है। भेजे पत्र का हैंडराइटिंग भी बमबम से नहीं मिला है। यह मामला पूरी तरह से संदिग्ध लग रहा है। कल तक पूरी तरह से खुलासा हो जाएगा। डाकघर में चिट्ठी जमा करने आए तीन युवकों की भी पहचान कर ली गई है। जल्द ही उसे भी हिरासत में ले लिया जाएगा।

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