विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में जलजमाव से कर्मचारियों और छात्र छात्राओं को आना-जाना हुआ मुश्किल!

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रिपोर्ट :- आशुतोष पांडेय

आरा/शाहाबाद प्रक्षेत्र का इकलौता विश्वविद्यालय वीर कुँअर सिंह विश्विद्यालय का न्यू कॉम्पस की स्थिति पूरी तरह से नारकीय बनी हुई है,दो दिनों की बारिश ने प्रवेश द्वार से लेकर पूरे परिसर में पानी ही पानी लगा हुआ है, उक्त पानी और मिट्टी दोनों मिलकर कीचड़ में तब्दील हो गया है, हालांकि विश्विद्यालय प्रशासन ने प्रवेश द्वार पर इट के टुकड़े को डालकर इतिश्री कर दिया है, उसके बाउजूद वाहनों के आने जाने के बाद रास्ते पर गिरे हुए, इट भी कीचड़ बन चुके हैं, जिससे सासाराम, भभुआ, विक्रमगंज, डिहरी समेत अन्य जगहों से पढ़ने आने वाले छात्र और छात्राओं को बहुत मुश्किल समस्या बनी हुई है, सबसे ज्यादा छात्राओं को, कॉम्पस के अंदर जाने के लिए मोटरसाइकिल का सहारा लेना पड़ रहा है, तो कुछ छात्राएं कीचड़ में घुसकर कर जाने को मजबूर हैं, वहीं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि न्यू कॉम्पस में आने के लिए हाथों में चपल लेकर पानी कादो में घुसकर कार्यालय आ रहे हैं, शिकायत के बाद रास्ते में लगी हुई पानी पर इट गिराकर टेंपरेरी रास्ते बनाया गया है,

क्या कहते हैं, छात्र

रोहतास जिले के नोखा से चलकर आई, बीएससी की छात्रा गुड़िया कुमारी ने बताया कि बीएससी फिजिक्स विभाग का प्रोविजनल निकालने के लिए वीर कुँअर  यूनिवर्सिटी आई हुई हूं,कैम्पस में जाने के लिए सोचना पड़ रहा है, प्रवेश द्वार पर ही इतना कीचड़ है, अंदर में पानी ही पानी दिख रहा है, अंदर जाना जैसे पहाड़ पर चढ़ाना जैसा लग रहा, जाना भी जरूरी है,

वहीं रोहतास निवासी विश्वविद्यालय का स्टूडेंट अभय कुमार ने बताया कि न्यू कैम्पस में पानी कीचड़ होने की खबर होती तो, हम भाड़ा लगाकर विश्विद्यालय नहीं आते, यहाँ की स्थिति बहुत ही दयनीय है,

विश्विद्यालय के बीएड विभाग के पूर्व प्ररचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारी ने भी गुस्से का इजहार किया

बीएड विभाग के पूर्व प्राचार्य डॉ.वीरेंद्र पाण्डेय ने बताया कि दो दिनों से हो रही बारिश ने जीना मुहाल कर दिया है, विश्वविद्यालय गेट से लेकर अंदर तक पानी ही पानी लगा हुआ था, हम लोगों के शिकायत पर रास्ते पर इट के टुकड़े गिराये गये है, उक्त टुकड़े से मोटरसाइकिल सवार कर्मचारी से लेकर स्टूडेंट्स का संतुलन बिगड़ जाने से गिर जा रहे हैं,

बीएड विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर गोवर्धन यादव ने बताया कि न्यू कैंपस में बारिश के पानी के लगने स

आने-जाने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है सबसे बड़ी समस्या विश्वविद्यालय कैंपस की प्रवेश द्वार से मेडिकल कॉलेज के कार्य चल रहे हैं ट्रैकों के आने जाने से रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है कीचड़ और पानी में तब्दील है

वर्षा के पानी और किचड़ सड़क पर पसर गया है, इसके कारण आने-जाने वालों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, परिसर में परीक्षा विभाग, बीएड विभाग है, जिसमें पांच दर्जन से अधिक कर्मचारी और अधिकारी काम करते हैं, 

विश्वविद्यालय के परिसर में कीचड़ से जाना हुआ मुश्किल

 सड़क के ऊपर गिली मिट्टी का जमाव हो गया है। इसके कारण दो पहिया वाहनों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है, आगामी 22 अक्टूबर को स्थापना दिवस समारोह का भी आयोजन होना है, इसके लिए विवि में तैयारी भी चल रही है, अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो अतिथियों को आने-जाने में परेशानी होगी, 

क्या कहते हैं, कुलसचिव

कुलसचिव प्रो. रणविजय कुमार ने बताया कि न्यू कैम्पस में सड़क मरम्मत के लिए योजना बनायी गई है,काम शुरू भी हो चुका है

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