मनोज कुमार की रिपोर्ट!
गया आज कांग्रेस पार्टी के तत्वाधान में स्थानीय चौक स्थित इंदिरा गांधी प्रतिमा स्थल प्रांगण कांग्रेस सेवादल बोर्ड कार्यालय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की 114 वीं जयंती मनाई गई।
सर्वप्रथम इनके चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात् उनके व्यक्तित्व एवम् कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिठू ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर राष्ट्रवाद एवम प्रगतिवाद के मूर्धन्य कवि, लेखक एवम् निबंधकार थे, जिन्हे साहित्य अकादमी, पद्म भूषण एवम् ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था। इनकी रचना कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी,हुंकार,सस्कृति के चार अध्याय, परशुराम की प्रतीक्षा, हाहाकार आदि काफी लोकप्रिय है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम नरेश सिंह पायोद ने कहा की रामधारी सिंह दिनकर प्रोफेसर, उपकुलपति, कुलपति तथा दस वर्षो तक राज्यसभा सांसद के रूप में छात्र, नौजवान एवम् आमजन के काफी मुखर होकर काम किए थे।
जयंती कार्यक्रम को जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, बाबूलाल प्रसाद सिंह, मिथिलेश सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, अमरजीत कुमार, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, सुरेंद्र मांझी, विनोद उपाध्याय, सुजीत कुमार गुप्ता, श्रवण पासवान, सुनील कुमार राम, मो समद, असरफ इमाम, बाल्मिकी प्रसाद, जगरूप यादव, जितेंद्र यादव आदि ने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर कविता, खंडकाव्य, निबंध, समीक्षा राष्टियता से ओतपोट होने के कारण ही संपूर्ण देश में एवम् समस्त कवियों में इन्हे राष्ट्रकवि के नाम से जानते है।




