पंकज कुमार जहानाबाद।
दो रूपये देकर किया था घटना को अंजाम देने का प्रयास
स्थानीय व्यवहार न्यायालय स्थित एडीजे प्रथम सतीश कुमार देव की अदालत ने शुक्रवार को दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी शंभू प्रसाद के सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरा करने के उपरांत न्यायालय ने आरोपी को 5 साल सश्रम कारावास भुगतने का फैसला सुनाया। इतना ही नहीं न्यायालय ने आरोपी को ₹2000 अर्थदंड भुगतान करने का भी निर्देश दिया ।अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उपरोक्त आशय की जानकारी अपर लोक अभियोजक विजय कुमार मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता के पिता ने जहानाबाद नगर थाने में शंभू प्रसाद को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया था की उसकी 8 साल की नाबालिग लड़की 2 अक्टूबर 2007 को सुबह दस बजे शौच करने नदी की ओर गई थी जो ग्यारह बजे तक लौटकर वापस नहीं आई ।उसी वक्त मेरा भतीजा ने फोन किया कि जल्द से जल्द आईए। सूचना पर जब मैं घटना स्थल पर पहुंचा तो देखा कि एक घर के पास भीड़ लगी हुई है। लोग घर का दरवाजा खुलवा रहे हैं, लेकिन कोई दरवाजा नहीं खोल रहा था। इतने में पुलिस पहुंच गई तब जाकर शंभू प्रसाद ने दरवाजा खोला ।उसी बंद कमरे से मेरी नाबालिग लड़की निकली। पूछने पर बताई कि शंभू प्रसाद मुझे ₹2 दिया और कमरे में ले जाकर मुझे चौकी पर लिटा दिया और दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। इतने में बाहर से दरवाजा खटखटाया जाने लगा। तब वह मुझे छोड़ कर भागने का प्रयास करने लगा। इस मामले में अभियोजन की तरफ से पीड़िता समेत चार गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई गई थी




