रश्मि चौहान बांका—-
ट्रेन हादसे में दंपती सहित एक मासूम की मौत से दहले कमलपुर गांव में तीसरे दिन भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा। इस खमोशी को अपनों को खोने वालों की सिसकियां ही तोड रही थी। वही, इस दर्दनाक हादसे से मर्माहत ग्रामीण भी आंखों में आंसू लिये उपर वालों को दुहाई दे रहे थे। गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। लोग इस मंजर को नहीं भूल पा रहे हैं। गांव की महिलायें पीडित परिवारों के घर पहुंचकर महिलाओं को ढांढस बंधा रही थी। जबकि पूरे इलाकों में इस दर्दनाक हादसों का जिक्र था। हर कोई नियती की क्रूरता को कोष रहा है। इधर मृतक दंपती के बच्चों की तो दुनियां ही उजड गई। माता-पिता की मौत के बाद उनके तीन पुत्री और एक मात्र पुत्र अनाथ हो गये। हालांकि, पुत्रियों की शादी हो चुकी है। जो अपने ससुराल में बस गई हैं। लेकिन उनके पुत्र करण झा के सिर से मां-बाप का साया छिनने के बाद वे खुद को बेसहारा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, न्यायालय से करण को न्याय मिला और वे घटना की शाम ही जेल से छूट कर घर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार भागलपुर बरारी घाट में किया। जबकि मासूम परी का अंतिम संस्कार उसके दादा मनोज कुमार सिंह ने किया। इधर परी की मां राखी दोहरे सदमे से गुजर रही हैं। जिनकी एक मात्र बेटी परी भी इस हादसे का शिकार हो कर भगवान को प्यारी हो गई। एक ओर जहां उसे अपने माता-पिता के खोने का गम है, वहीं उसकी सूनी कोख उसे जिंदगी भर का मर्म दे गया। नना-नानी की दुलारी परी ने अंतिम समय में भी नहीं छोडा साथबांका-भागलपुर रेलखंड पर बैद्यनाथपुर गांव के करीब बिना फाटक के रेलवे ट्रेक पर हुई दर्दनाक हादसे ने सबको दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में दंपती के साथ एक मासूम की भी मौत हुई थी। जो मृतक दंपती की नतनी परी थी। परी को अपने नाना-नानी से काफी लगाव था। इस लिये वे अपना अधिक समय उन्हीं के पास बिताती थी। अपने नाना-नानी की दुलारी परी ने अंतिम समय में भी उनका साथ हनीं छोडा। पीडित परिवारों से मिलने पहुंचे बेलहर विधायकइस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को बेलहर विधायक मनोज यादव पीडित परिवार से मिलने पहुंचे थे। जहां उन्होंने मृतक दंपती के पुत्र करण को इस दुख की घडी में हिम्मत से काम लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि ये हादसा भुलाया नहीं जा सकता है लेकिन दुखों को कम किया जा सकता है।




