बीजेपी तो बहाना था, 2024 निशाना था।

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कार्यकारी संपादक पंकज कुमार ठाकुर :-

फेडरल स्ट्रक्चर खत्म, टैक्स आता नहीं लेकिन नीति आयोग की बैठक में जाएंगे नहीं।

बिना लाग लपेट सीधी बात

जिस समय पूरा विपक्ष मोदी के सामने नतमस्तक कर गिड़गिड़ा रहा है। विपक्ष में सुनने पर आउट विपक्ष मुद्दा विहीन राजनीति क्या नीतीश कुमार भर पाएंगे फिलहाल यह तो सवालों के घेरे में भविष्य के गर्भ में छुपा हुआ है। बरहाल राजनीति का छल कपट भी लोकतंत्र के छांव तले थक जाता है शायद लोकतंत्र का अब यही मतलब निकल कर सामने आता है ।किसी को मुख्यमंत्री बनना है। तो किसी को उपमुख्यमंत्री लेकिन बिहार से क्या फेडरल स्ट्रक्चर पूरी तरह से खत्म हो गया है। टैक्स के पैसा आखिर कहां जा रहे हैं। जबकि छूट गई है नेता राजधानी रफ्तार से विकास नाम की चिड़िया को उड़ा रही है।पैसा खत्म हो गया लेकिन नीति आयोग की बैठक में नहीं जाएंगे। शायद आप भूल गए थे नीति आयोग की बैठक में विकास की बात की जाती है । और आप सूबे के मुखिया थे। पूरे राज्य की रूपरेखा तय की जाती है विकास कार्यों की। लेकिन आपने अपना स्वार्थ साधने के लिए जनता के अरमानों पर पानी फेर दिया। अब सवाल उठता है हम बिहारियों की ताकत पूरी देश दुनिया ने माना है। फिर बिहार सबसे अंतिम पायदान पर क्यों ?

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