भारत के महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र रे की मनाई गई जयंती!

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धीरज शर्मा की रिपोर्ट:-

गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर भागलपुर में मंगलवार को भारत के महान वैज्ञानिक प्रफुल्ल चंद्र रे की जयंती मनाई गई ।केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची से अवकाश प्राप्त कुलपति प्रोफेसर नंद कुमार इंदु विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक एवं उप प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं प्रफुल्ल चंद्र रे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। भारत के महान रसायन वेत्ता तथा आधुनिक रसायन के जनक का रसायन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है इसलिए विद्यालय में उनका जन्म सप्ताह मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर नंद कुमार इंदु ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में रसायन शास्त्र है ।जीवन का हर एक उपयोगी वस्तु में रसायन है। मन को नियंत्रण करने वाला हार्मोन भी एक रसायन। अपने उद्बोधन के क्रम में कहा कि प्रफुल्ल चंद्र का जीवन संघर्ष से युक्त रहा परंतु अपने प्रतिभा के कारण अपनी पढ़ाई ग्रामीण क्षेत्र से प्रारंभ कर विदेशों में भी अध्ययन किया। रसायन के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है। प्रतिभा के धनी प्रफुल्ल चंद्र ने छात्र वृत्ति के द्वारा लंदन में डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्राप्त किया। प्रेसिडेंसी कॉलेज के छात्र एवं उसी में प्राध्यापक के रूप में कार्य करने वाले डॉक्टर पी सी रे भारत में इंडियन केमिकल सोसायटी की स्थापना करने वाले प्रथम व्यक्ति
थे। साइंस के क्षेत्र में शोध हेतु उन्होंने बंगाल केमिकल नाम की एक कंपनी भी बनाई आधुनिक भारत के रसायन विज्ञान के विकास की नींव रखने वाले रसायन के जनक का योगदान अविस्मरणीय है ।आज जो भारत विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर है उसमें प्रफुल्ल चंद्र राय का योगदान अविस्मरणीय है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ नीरज कुमार कौशिक ने कहा कि विश्व पटल पर अपनी पहचान छोड़ने वाले प्रफुल्ल चंद्र राय ने अपने परिश्रम, ज्ञान ,शोध एवं नए-नए रसायनिक अन्वेषण कर देश की प्रगति में अहम योगदान दिया है। भारत के महान रसायन वेत्ता का अमूल्य ज्ञान हम लोगों के लिए प्रेरणा प्रद है। उप प्रधानाचार्य एवं रसायन शास्त्र के आचार्यअशोक कुमार मिश्र ने कहा कि आधुनिक रसायन के जनक डॉ प्रफुल्ल चंद्र ने 119 वर्ष पूर्व ही जिस रसायन का खोज किया वह कोरोनावायरस काल में अमृत के समान जीवनदायिनी बना ।मरकरी का नाइट्रेट आदि का अन्वेषण करके भारत के लिए ही नहीं बल्कि विश्व में अपने प्रतिभा का परिचय दिया। जन्म सप्ताह के क्रम में विद्यालय के छात्रों के द्वारा विज्ञान से संबंधित प्रश्न मंच प्रतियोगिता ,भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला एवं अन्य अनेक प्रकार के रसायन से संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में काजल, पीहू पल्लवी, चांदनी गोकुल झा एवं सोनम प्रिया आदि अनेक छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम को संपन्न कराने में विशेष रुप से रसायन शास्त्र के आचार्य दीपक कुमार, सिद्धार्थ कुमार सिंह, मनोज कुमार गुप्ता आदि सभी आचार्यों के मार्गदर्शन में कार्यक्रम को संपन्न कराया गया। इस अवसर पर अनिल कुमार मिश्र, विनय कुमार शुक्ला, लव कुमार त्रिपाठी एवं विद्यालय के सभी आचार्य बंधु भगिनी उपस्थित थे।

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