नृत्यशक्ति सीजन-एक एनसीसी कैडेटों की प्रतिभाओं को दे रहा मौका

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अमित कुमार की रिपोर्ट :-

  • बिहार तथा झारखंड के लोकनृत्यों को बढ़ावा देना है उद्येश्य
  • एनसीसी कैडटों के छिपे प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
    पटना।
    देश के सभी क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान करने और राष्ट्र की सेवा में तत्पर रहने के लिए एनसीसी को जाना जाता है। यह हमेशा से युवाओं को अनुशासन के साथ उनके चरित्र निर्माण और निस्वार्थ सेवा की संकल्पना को विकसित करता आया है। बिहार और झारखंड के एनसीसी निदेशालय ने अपने पूर्व छात्र एनसीसी उड़ान के सहयोग से बिहार और झारखंड की समृद्ध कला संस्कृति और विविधता को जिस तरीके से डिजीटल प्लेटफार्म पर रखा है उसका हम सम्मान करते हैं। यह बातें सूचना और प्रौद्यौगिकी विभाग मंत्री श्री जिबेश कुमार व कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ आलोक रंजन ने बुधवार को नृत्यशक्ति सीजन 1 के प्रोमो वीडियो और लाइव वोटिंग के उद्घाटन के मौके पर प्रेमचंद रंगशाला में कही। मौके पर एनसीसी निदेशालय के संयुक्त निदेशक,परियोजना कर्नल संजीव शर्मा ने विस्तार से बताते हुए कहा कि एनसीसी आजादी का अमृत महोत्सव के 75 वां वर्ष मना रहा है। जिसके उपलक्ष्य में नृत्यशक्ति सीजन एक का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जा रही है। जिसमें सिर्फ एनसीसी के पूर्व और वर्तमान के कैडेट ही हिस्सा ले सकते हैं। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य जन भागीदारी और कैडेटों के अंदर की छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही यह प्रतिस्पर्धा बिहार और झारखंड के लोक नृत्यों को डिजिटल माध्यम से भी प्रोत्साहित करेगी। इस आयोजन में करीब 90 हजार से अधिक एनसीसी कैडेटों और आठ लाख से अधिक एनसीसी के पूर्व छात्रों के साथ बिहार और झारखंड के उनके परिवारों और दोस्तों के साथ पूरे भारत में लाखों एनसीसी कैडेटों के भाग लेने की संभावना है।

टेंपल लिंक्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ले सकते हैं भाग
एनसीसी के बी एंड जे मेजर जनरल इंद्रबलन ने कहा कि इस प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए एनसीसी के वर्तमान और पूर्व कैडेट आईओएस ऐप स्टोर टेंपल लिंक्स प्लेटफार्म के माध्यम से एनसीसी नृत्य शक्ति में भाग ले सकते हैं। जिसकी शुरुआत 1 जुलाई से हो चुकी है। 5 अगस्त तक कैडेट इसपर अपने वीडियो अपलोड कर भाग ले सकते हैं। बुधवार को उद्घाटन के साथ ही लाइव वोटिंग की भी शुरुआत हो गयी है। इसमें दो चरणों में पुरस्कार 15 अगस्त और 27 नवंबर को एनसीसी स्थापना दिवस पर दिए जाएगें। मेजर ने कहा कि एनसीसी के सभी 17 डीटीएस के बीच डीटीई द्वारा यह एक अनूठी पहल है। भविष्य में हम पूरे भारत के अन्य एनसीसी डीटीएस और कैडेटों को इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव की भावना के साथ साथ एनसीसी के 75 साल पूरे होने की भावना को भी दर्शाता है। मौके पर विद्याकूल एप तरुण सैनी सयुक्त निदेशक योजना कर्नल संजीव शर्मा आदि मौजूद थे।

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