नवादा से अनिल शर्मा की रिपोर्ट:-
लोकेशन नवादा
राष्टीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान कार्यक्रम चलाया गया
नवादा आज सदर अस्पताल के सभागार में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान पर एक मीडिया कार्यशाला आयोजित किया गया, कार्यशाला में बताया गया कि फाइलेरिया की बीमारी कैसे होती है और उसे बचाव के लिए क्या करना चाहिए। फाइलेरिया शरीर को अपंग और कुरूप करने वाली बीमारी है। दीर्घकालीन विकलांगता में यह बीमारी विश्व में दूसरे स्थान पर है, लिंफेटिक फाइलेरिया को आमतौर पर हाथी पाओं के नाम से जाना जाता है, यह संक्रमण बुचरेरिया बैनक्रॉफ्टी नामक मच्छर के काटने से होता है, इस बीमारी का संक्रमण आमतौर पर बचपन में ही हो जाता है, संक्रमण के बाद 5 से 15 वर्ष में मनुष्यों में हाथीपांव हाइड्रोसील का एरिया यानी धातु रूप पुरुषों में महिलाओं के स्तनों में सूजन इत्यादि के रूप में दिखाई देता है। इस बीमारी के बचाव के लिए अब अल्बेंडेजोल की गोली खिलाएं। अल्बेंडाजोल खाली पेट में नहीं खिलाया जाता है खाना खाकर इसे दवाई के चबाकर खाना चाहिए। मौके पर डॉ अशोक कुमार, डॉक्टर बी पी सिंहा, डॉक्टर बी पी सिंह जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी मौजूद रहे।




