(रिपोर्ट अख्तर शफी निक्की)
विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष्य में राधिका मेमोरियल ट्रस्ट के बैनर तले कल्याण विद्यालय, रामपुर मिल्की में फिल्म संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप विकास आयुक्त हरिनारायण पासवान, चाइल्ड हेल्प लाइन की डायरेक्ट डा. सुनीता सिंह, डायरेक्टर नवीन कुमार और प्राचार्या सुनीता पांडेय ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। अपने संबोधन में डीडीसी ने कहा कि मां-बाप पूजनीय हैं। हमें इनकी सेवा हमेशा करनी चाहिए। जो व्यक्ति मां-बाप की सेवा नहीं करता, वह जीवन सुखी नहीं रहता। वहीं डा. सुनीता सिंह ने कहा कि भाग-दौड़ की जिंदगी में इस तरह का संगीत का कार्यक्रम आयोजित करना बड़ी बात है। इस तरह का आयोजन मुझे बहुत पसंद है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मशहूर गायक धर्मेन्द्र कुमार ने भजन- अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं…गाकर किया। वहीं हरिनारायण पासवान ने सुख-दु:ख था सब एक…और पल-पल दिल के पास तुम रहती हो…गाया, जिसे श्रोताओं ने काफी पसंद किया। नवीन कुमार और सुनीता पांडेय ने कोरा कागज था बी मन मेरा…, जन्म-जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा…को बहुत ही खूबसूरती के साथ पेश किया। वहीं सुनीता व सबीना अंसारी ने कजरा मोहब्बत वाला…गीत गाकर श्रोताओं को खूब झूमाया। प्रत्युष कुमार पांडेय ने जीना यहां मरना यहां…, नीले-नीले अंबर पर…, बातें ये कभी न तू भूलना…, होठों से छू लो तुम…, आकाश दीप ने लग जा गले कि फिर ये…, तेरी आंखों के दरिया का उतरना…, सबीना अंसारी ने तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान…, क्यों आता है सीने मेें…, राशिदा बानो ने है मेरी सांसों में मेरे पिया…, हर एक मुस्कुराहट मुस्कान नहीं होती…, श्रेया राज ने जब कोई बात बिगड़ जाए…, इम्तेयाज साबरी ने एै मेरे दाेस्त लौट के आ जा…, हुमा साबरी ने नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया…, नवीन कुमार ने बेकरार करके हमें यू न जाइए…, प्यार दीवाना होता है मस्ताना होता है…, सुनीता पांडेय ने तुम्हें और क्या दूं…, शमशाद प्रेम ने तुम जो मिल गए हो…, आने से उसके आए बहार…आदि गीत प्रस्तुत किया। मंच संचालन शमशाद प्रेम, अतिथियों का स्वागत सुनीता पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन नवीन कुमार ने किया। आयोजन को सफल बनाने में प्रत्युष कुमार पांडेय, अलकास साबरी, अली अहमद साबरी, अली अरशद साबिरी, नवेद साबरी, इम्तेयाज साबरी, हुमा साबरी, साजिया खातून, आकाश तिवारी, विभू, आकाश दीप आदि का सराहनीय योगदान रहा।




