आलोक कुमार झा अमेरिका से शंखनाद के लिए!
, तरसेंगे रोटी की एक एक बुर्की को , बच्चों को कहा करेंगे कभी भोजन में चावल और दाल होते थे!
❗❗❗ आज से 27 साल बाद लोग दो वक्त की रोटी तो छोड़िये, एक वक्त में एक रोटी के लिये भी तरस जाएंगे. ये भी संभव है कि आप जहां रहते हैं, वहां दूर-दूर तक किसी की थाली में रोटी न हो. हो सकता है तब आपके पास लाखों करोड़ों का बैंक बैलेंस हो, कई डेबिट और क्रेडिट कार्ड हों लेकिन तब भी रोटी आपकी सीमा से बाहर हो. सामाजिक और आर्थिक आंकड़ो पर नजर रखने वाली संस्था The World Count की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में अकाल का अलार्म बजा दिया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में अनाज का ऐसा संकट आने वाला है कि वर्ष 2050 तक अनाज नाम की चीज दुनिया से खत्म हो जाएगी. इस रिपोर्ट को जारी करते हुए The World Count ने अपनी वेबसाइट पर अनाज के खत्म होने का Countdown भी लगा दिया है. इस Countdown के मुताबिक पृथ्वी से अनाज खत्म होने में अब बस 27 साल बचे हैं. The World Count की रिपोर्ट के मुताबिक आज से 27 साल बाद दाल और रोटी एक दुर्लभ चीज हो जाएगी. जिसकी तस्वीरें आप अपने बच्चों को मोबाइल फोन में दिखाया करेंगे. बताया करेंगे कि रोटी गोल हुआ करती थी, और दालें पांच से छह तरह की हुआ करती थीं. ये भी संभव है कि तब दुनिया में कुछ ऐसे भी म्यूजियम बन जाएं, जहां दाल-चावल-गेहूं, मक्का और ज्वार रखे जाएं.
🟡 The World Count के चौंकाने वाले आंकड़े…. वर्ष 2050 तक दुनिया की आबादी 1 हज़ार करोड़ के पार हो जाएगी. ऐसे में वर्ष वर्ष 2017 के मुकाबले वर्ष 2050 में 70% ज्यादा खाने की मांग होगी , जबकि धरती हर वर्ष 7500 करोड़ टन उपजाऊ मिट्टी खो रही है. बीते 40 वर्षों में दुनिया में खेती के लायक एक तिहाई भूमि ख़त्म हो चुकी है. अगले 40 वर्षो में लोगों के लिये उतना अनाज पैदा करना होगा जो 8 हज़ार वर्षों में नहीं हुआ है.- वर्ष 2030 तक चावल 130% और मक्का 180% महंगा हो जाएगा. मनुष्य पृथ्वी की 75 प्रतिशत उपजाऊ भूमि का शोषण कर चुका है ▪️




