– रवि शंकर शर्मा
मोकामा के हाथीदह में चल रहे मेगा रेल ब्रिज निर्माण कार्य में किसानों और प्रशासन के बीच अब टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है ।
किसानों का कहना है कि सारी जमीनें किसानों की रैयती हैं तो वहीं प्रशासन का मानना है कि जितनी जमीन रेलवे द्वारा ली जा रही है वह रेलवे की ही है। किसान अपनी तरफ से जमीनों के दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे हैं जबकि रेलवे के द्वारा कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जा रहा है, कई बार के वार्ताओं के विफल रहने के बाद आज प्रशासन और किसानों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई ।
हालांकि प्रशासन ने किसानों को वहां से खदेड़ दिया और काम को जारी रखा।
इस बीच अंचलाधिकारी मोकामा ने किसानों को कुछ दिन का वक्त दिया है ताकि किसान कोट कचहरी का चक्कर लगा सके। अंचलाधिकारी ज्ञानानंद का कहना है कि किसान कोर्ट से स्टे आर्डर ले आएं तभी काम को रोका जा सकता है। अन्यथा कोई भी इस काम रोकने आएंगे उन पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।
बाइट:- ज्ञानानंद, सीओ, मोकामा
बाइट:- पीड़ित किसान
बाइट:- रास बिहारी सिंह (सरपंच, हाथीदह)




