कार्यकारी संपादक पंकज कुमार ठाकुर!
शुरू हो चुका है राम भक्तों का लंका कांड, अपनी डफली अपना राग!
गुस्ताखी माफ हम तो बोलेंगे हुजूर!
भागलपुर बांका स्थानीय प्राधिकार से एनडीए के उम्मीदवार विजय कुमार सिंह ने शनिवार को रजौन प्रखंड स्थित एक विवाह भवन में नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से मुलाकात किया। और उनसे समर्थन देने की अपील की तो इसके बाद बाजार में चर्चा गर्म होने लगा क्या इस बैठक के बहाने जदयू यह संदेश देना चाह रही है कि जदयू में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। और इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि तक को बुलाया गया। वही सूत्र बताते हैं कि नॉमिनेशन के वक्त ही बांका के जदयू के एक कद्दावर नेता का नहीं दिखना बहुत कुछ इशारा कर रहा था । कि जदयू में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। हालांकि कई नेता जी इसे दबी जुबान से स्वीकार भी करते हैं।हालांकि एनडीए गठबंधन में वहां भी संदेश दे रहा था कि सबकुछ दोनों दलों के बीच ठीक-ठाक है। और यही कारण रहा कि नॉमिनेशन में भाजपा के भी आलाकमान तैनात रहे। जबकि यह राजनीति विश्लेषक बताते हैं कि चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि महागठबंधन का उम्मीदवार संजय यादव भी एक बार इस सीट पर काबिज हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें पहले से ही भागलपुर और बांका स्थानीय प्राधिकार चुनाव के सभी दांवपेच मालूम है। और एनडीए गठबंधन सूत्र बताते हैं कि कहीं ना कहीं अंतर कला से जूझते हुए नजर आ रही है। और अब यह यूं ही नहीं कहा जा रहा है। पिछले दिनों आई एक हवा ने लोगों के कान खड़े कर दी। दरअसल यह हवा पटना से चलकर निकला की बांका के एक कद्दावर नेता की पत्नी इस चुनाव में भाग्य आजमा रही है। हालांकि यह खबर उड़ते हुए आई और अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। और अगर ऐसा होता है तो निश्चित ही एनडीए गठबंधन के लिए अशुभ संकेत कहा जाएगा। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सबसे पहले एनडीए गठबंधन को अपने जयचंद से निपटना होगा।




