लक्ष्मी नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का हुआ आयोजन!

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धीरज शर्मा की रिपोर्ट

स्थानीय लहरी टोला में स्थित दल्लू बाबू धर्मशाला के परिसर में मौजूद भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार एवं भगवान की प्रतिमाओं का प्राण प्रतिष्ठा शुक्रवार को प्रतिमा की स्थापना वेदी पर की गई। प्रतिमा का अभिषेक पंच तत्वों से किया गया साथ ही मंत्रोचार के साथ वेदी पर प्रतिमा की स्थापना करके विधिवत आरती पूजन किया गया। विगत 30 वर्षों के बाद इस मंदिर की जीर्णोद्धार का भगवान लक्ष्मी नारायण की पदस्थापना की गई। ज्ञात हो कि 1988 से लगातार अब तक मंदिर बिना भगवान की सुना था और भक्तों की विशेष मांग पर ट्रस्ट के द्वारा या भव्य मंदिर बनवाया गया आज भगवान लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा का पंचगव्य अनाज जल आदि से महा मस्तकाभिषेक करते हुए भगवान लक्ष्मी नारायण की प्राण प्रतिष्ठा की गई। सदस्य चाँद झुनझुनवाला ने बताया कि वर्ष 1988 में टोडरमल दिलसुख राय धर्मशाला न्यास समिति ट्रस्ट के लक्ष्मी नारायण मंदिर से भगवान लक्ष्मी नारायण के साथ अन्य तीन मूर्तियां जो अष्ट धातु की थी चोरी कर ली गई थी।

उस वक्त प्रशासन की मुस्तैदी के कारण प्रतिमाएं तो मिल गई परंतु वह आज तक गोपनीय विभाग में रखी हुई है । 1988 से जारी केस का निदान अभी तक नहीं होने के कारण न्यायालय द्वारा उन मूर्तियों को अभी तक मंदिर प्रशासन को वापस नहीं किया गया है और वह मूर्तियां आज भी गोपनीय शाखा के माल खाने में ही रखी गई है।जिसके मूल अभिलेख और कागजात अब मिल भी नहीं रहे हैं।*

मंदिर प्रशासन के द्वारा फिलहाल भक्तों के द्वारा जारी प्रयास के कारण फिलहाल मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है एवं संगमरमर से बनी लक्ष्मी नारायण की दो मूर्ति लक्ष्मी जी और भगवान विष्णु जी की प्रतिमा मंगवाई गई है जिस की प्राण प्रतिष्ठा समारोह पूरे विधि विधान के साथ मंत्रोच्चारण के साथ विद्वान पंडितों के द्वारा 14 फरवरी से लगातार 18 फरवरी आज तक जारी रहा। न्यास समिति से जुड़े सदस्यों के द्वारा यह पूजा अर्चना और मुख्य जजमान के रुप में डा रतन संथालीया सपत्नीक प्राण प्रतिष्ठा पुजन करवाई गई । पुजन में अध्यक्ष हंसराज बैताला सचिव अशोक कुमार जीवराजीका कोषाध्यक्ष रतन कुमार संथालिया संरक्षक लक्ष्मी नारायण डोकानीया श्रवण कुमार किशोर पुरिया चाँद झुनझुनवाला लव चंद कोठारी सीए सुजीत कुमार दिलीप अग्रवाल विनोद केडिया आदि पूजा में शामिल रहें

प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही 19 फरवरी 2022 से मंदिर आम जनों के लिए भी खोल दिया जाएगा*।
लहरी टोला पूर्व से कई प्रमुख मंदिर है एवं अब लक्ष्मीनारायण जी का भी मंदिर निर्माण होने से आसपास के भक्तों को पूजा अर्चना करने में आसानी होगी पूरा मंदिर भव्य तरीके से बनाया गया है। इस अवसर पर कोलकाता के कलाकारों द्वारा पूरे मंदिर की सजावट की गई है।
सदस्य चांद झुनझुनवाला ने बताया कि प्रशासन न्यायालय एवं जिम्मेदार अधिकारियों से अष्टधातु की मूर्ति प्राप्त करने की सारी प्रक्रिया जारी रहेंगी और जब तक मूर्तियां प्राप्त नहीं हो जाती है न्यासी के भक्त सदस्य पूरी तरह से प्रयासरत रहेंगे एवं मूर्तियां प्राप्त हो जाने के बाद उनकी भी प्राण प्रतिष्ठा इसी जगह पर करवाई जाएगी।

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