:- अमित सिंह की रिपोर्ट
मोकामा के हाथीदह में राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे रेल ब्रिज में उत्पन्न किसान और रेलवे के बीच का विवाद बढ़ गया है।
अचानक दर्जनों किसान कागजात समेत आ पहुंचे और कार्यरत कम्पनी इरकॉन पर जोर जबर्दस्ती कर जमीन हथियाने का आरोप लगाने लगे। किसान आरपीएफ की कार्यशैली से भी खासा नाराज थे। कल आरपीएफ के सहयोग से इरकॉन ने किसानों की फसलों को रौंद डाला था।
इस विवाद को सुलझाने आज मौके पर आलाधिकारियों की टीम पहुंची, आरपीएफ,रेलवे और जिला प्रशासन की ओर से अंचलाधिकारी मोकामा मौके पर पहुंच गए।
रेलवे का दावा है कि जमीने रेल की हैं इसके समर्थन में रेलवे के द्वारा सिर्फ एक नक्शा दिखाया जा रहा है और इस नक्शे के समर्थन में रेलवे ने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं की है, और यही विवाद का मूल कारण है, किसानों की मांग की है कि यह नक्शा कैसे बनाया गया इसके समर्थन में जो भी डॉक्यूमेंट है वह किसानों को उपलब्ध कराए जाएं।
वहीं दूसरी ओर किसानों की तरफ से यह कहा जा रहा है कि दशकों से यह जमीन उनकी पुश्तैनी जमीन है, उनका दखल कब्जा है,वे खेती-बाड़ी करते आ रहे हैं,और इससे संबंधित सभी कागजात खतियान से लेकर राजस्व रशीद और एलपीसी तक किसान प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे रेलवे के अधिकारी बलपूर्वक खारिज करने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि इस बीच मोकामा अंचलाधिकारी ने रेलवे से भी नक्शे के समर्थन में उचित कागजात की मांग कर दी है, और तब तक जब तक कि यह साबित ना हो जाए कि जमीन रेलवे की है या किसानों की, निर्माण कार्य को विवादित भूमि पर स्थगित रखने का आदेश जारी कर दिया है।
Byte:- रास बिहारी सिंह (सरपंच)
Byte:- ज्ञानानंद (सीओ,मोकामा)




