नेशनल हैंडलूम डे पर बिहार की तीन पारंपरिक कलाओं को मिला जीआई प्रमाणपत्र!

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय!

आरा, 7 अगस्त। नेशनल हैंडलूम डे 2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बिहार की तीन पारंपरिक कलाओं—भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग, नालंदा की बावनबूटी और गया की पत्थरकट्टी पाषाण कला—के जीआई (भौगोलिक संकेतक) प्रमाणपत्र संबंधित संस्थाओं को प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुरी पीड़िया पेंटिंग के लिए सर्जना न्यास, बावनबूटी के लिए बासवान बिगहा प्राइमरी वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी तथा पत्थरकट्टी पाषाण कला के लिए आशीर्वाद स्टोन हैंडीक्राफ्ट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को प्रमाणपत्र सौंपे।

इस अवसर पर नाबार्ड की ओर से पटना के मौर्यलोक परिसर में तीन दिवसीय हैंडलूम प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी में जीआई टैग प्राप्त तीनों कलाओं सहित बिहार की विभिन्न लोककलाओं, हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने, स्थानीय शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने तथा उनके आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।

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