वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत डीडीसी ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा, पर्यटन विकास की संभावनाएं तलाशी!

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान

सुपौल :- केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास, रोजगार सृजन और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार ने वीरपुर एवं भीमनगर के सीमावर्ती क्षेत्रों का संयुक्त भ्रमण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की पहचान कर उन्हें शीघ्र प्रस्तावित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश पर्यटक केवल वीरपुर बराज देखने आते हैं, जबकि वीरपुर एवं भीमनगर के आसपास अन्य प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाना आवश्यक है। इससे पर्यटक अधिक समय तक क्षेत्र में रुकेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
भ्रमण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को संभावित पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से भी चर्चा की और उनके सुझाव प्राप्त किए।
इस अवसर पर एसएसबी के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को पर्यटन एवं आजीविका के नए केंद्र के रूप में विकसित कर वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

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