रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!
हाजीपुर—–वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के महिसौर गांव में चार दिन से लापता 37 वर्षीय रीता देवी का अधजला शव बरामद हुआ है। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव जलाने और सबूत मिटाने का आरोप लगाया है। वहीं मौके पर पहुंची थानेदार की टिप्पणी से ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
बखरी बराई गांव निवासी जगत राय की बेटी रीता देवी की शादी वर्ष 2007 में महिसौर निवासी पप्पू राय उर्फ नंद किशोर राय से हुई थी। ससुर उपेंद्र राय जन वितरण प्रणाली के दुकानदार हैं। परिजनों के अनुसार रीता 5 जून की रात से लापता थीं।
6 जून को मायके वाले महिसौर पहुंचे तो घर में ताला लगा था और ससुराल वाले फरार मिले। पुलिस को सूचना दी गई लेकिन आरोप है कि महिसौर थाने की पुलिस ने तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं की।
चार दिन बाद गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत में अधजला शव मिला। शव के बचे अवशेष बोरे में बांधकर 200 मीटर दूर गड्ढे में फेंके गए थे। शव की पहचान रीता देवी के रूप में हुई।
मायके वालों का आरोप है कि ससुराल वालों ने पहले झूठी कहानी बनाई कि रीता ने सल्फर खाकर आत्महत्या कर ली और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। अधजला शव मिलने के बाद यह कहानी संदिग्ध हो गई।
रीता की भाभी रेखा देवी ने बताया कि पति पप्पू राय ने विवाद के बाद दूसरी शादी कर ली थी और रीता को साथ नहीं रखना चाहता था। इसी रंजिश में 5 जून की रात हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया गया।
थानेदार के बोल पर हंगामा
शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। मौके पर पहुंची थाना अध्यक्ष चांदनी सवारियां ने तेज धूप का हवाला देते हुए मायके वालों से कहा, “जल्दी करो, मुझे तेज धूप लग रही है।”
इस टिप्पणी से ग्रामीण भड़क गए। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ससुराल पक्ष के सभी लोग फरार हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है।
वाइट;-मृतक के परिजन




