:- रवि शंकर अमित/बबलू राय
बेगूसराय में खेत की तारबंदी में दौड़ाए गए बिजली के करंट ने एक युवा किसान की जान ले ली। कद्दू की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाए गए नंगे तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने खेत मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।घटना वीरपुर थाना क्षेत्र के सिकरहुला बदिया बहियार की है। मृतक की पहचान मोहनपुर गांव निवासी स्वर्गीय अरुण सिंह के पुत्र शुभम कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुभम अपने बड़े भाई के साथ खेत की ओर निकला था। बड़ा भाई साइकिल से आगे निकल गया, जबकि शुभम पैदल गन्ना खाते हुए पीछे आ रहा था। काफी देर तक खेत पर नहीं पहुंचने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की।खोजबीन के दौरान शुभम का शव गांव के ही एक किसान के कद्दू के खेत के पास मिला। खेत के चारों ओर नंगे तार से घेराबंदी की गई थी और उसमें बिजली का करंट छोड़ा गया था। शव तारों के नीचे पड़ा हुआ था। मृतक के हाथ और शरीर पर करंट से झुलसने के गहरे निशान पाए गए, जिससे उसकी मौत बिजली के करंट लगने से होने की पुष्टि हुई। परिजनों का आरोप है कि खेत मालिक ने जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए अवैध तरीके से खेत में बिजली प्रवाहित कर रखी थी, लेकिन इसकी कोई सूचना या चेतावनी नहीं दी गई थी। इसी लापरवाही के कारण शुभम अनजाने में तार की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दोषी खेत मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही वीरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खेत में बिजली का करंट किस प्रकार प्रवाहित किया गया था।फसल की सुरक्षा के लिए खेतों में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार एक युवा किसान की जान चली गई। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई करती है
बाइट- परिजन
बाइट-मोनू कुमार परिजन
बाइट-सुभाष कुमार परिजन




