:- रवि शंकर अमित!
सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि धूमिल करने वाले वीडियो वायरल होने के बाद पटना के वरीय अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है। कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के आरोप में पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल 23 मई 2026 की शाम को पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गाँव में हुई थी, जहाँ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद गोलीबारी हुई थी। इस मामले में पंचमहला थाना कांड संख्या 46/2026 दर्ज किया गया था। इसी कांड के नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के लिए पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार और हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ अभियुक्त सोनू कुमार के घर छापेमारी करने पहुंचे थे।
छापेमारी के दौरान दोनों नामजद अभियुक्त मौके से फरार मिले, लेकिन वहां मौजूद परिजनों ने पुलिस की तलाशी का विरोध किया। इस पूरे घटनाक्रम का स्थानीय लोगों ने वीडियो बना लिया, जो 24 मई की सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा कांड के मुख्य अभियुक्त सोनू कुमार के भाई और कुख्यात अपराधी मोनू कुमार से पंचमहला थानाध्यक्ष की फोन पर बात कराई जा रही थी। इसके अलावा, हाथीदह थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी वहां मौजूद नागरिकों के सामने खुद अपनी तलाशी देकर घर में प्रवेश करते हुए दिखाई दे रहे थे।
अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़-1, पटना की रिपोर्ट के अनुसार, एक कुख्यात वांछित अपराधी के घर छापेमारी के दौरान भीड़ के सामने उससे फोन पर विचार-विमर्श करना और पुलिसकर्मियों द्वारा पंक्तिबद्ध होकर अपनी तलाशी देना बेहद गंभीर मामला है। इस कार्रवाई से आम जनता में पुलिस की छवि धूमिल हुई है। पुलिस की कार्रवाई से समाज में विश्वास और अपराधियों में भय पैदा होना चाहिए था, लेकिन दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में कमी पाई गई।
इस घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण दोनों थाना अध्यक्ष को निलंबित कर सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर मुख्यालय नवीन पुलिस केन्द्र, पटना तय किया गया है। साथ ही, इस पूरे मामले में प्रपत्र-‘क’ का गठन कर दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग करने का आदेश जारी किया गया है।




